
ऊना। अंब के नलोह में अश्वनी की गोली मारकर की गई हत्या की वारदात के पीछे के सच से पुलिस अभी तक पर्दा नहीं उठा सकी है। इस वारदात ने कई सवालों को जन्म देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं। भारी विरोध, धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम के बावजूद पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। विशेष जांच टीम के गठन के बाद शुरू हुई नाकाबंदी और वाहनों की चेकिंग से भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। लोगों में चर्चा है कि यदि नकाबपोश लूट के मकसद से आए थे तो उन्होंने अश्वनी को गोली से उड़ाने के बाद उसकी पत्नी के साथ छीना झपटी क्यों नहीं की।
मौका ए वारदात से हत्या के बाद लूटपाट की घटना को अंजाम न दिया जाना भी किसी गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है। यदि लूटपाट हुई है तो वारदात की चश्मदीद मृतक अश्वनी की पत्नी ने अपने बयान में इस बात का खुलासा क्यों नहीं किया। यह भी चर्चा है कि कहीं पुलिस ही कातिलों को बचाने का प्रयास तो नहीं कर रही है। कांगड़ा ऊना सीमा पर स्थित सिक्करां दा परोह तथा नलोह में चली गोलियां एक जैसी होने का लैब की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। इससे यह भी लग रहा है कि अपराधी क्षेत्र के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हैं। गठित एसआईटी की नाकामी, सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी के नशे में धुत्त पड़े होने और पुलिस की अन्य कार्रवाई को लेकर भी लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कातिलों के न पकड़े जाने पर लोगों में रोष है।
वारदात के पीछे का सच अभी तक पुलिस उजागर नहीं कर सकी है। क्षेत्रवासियों अजय ठाकुर, संजीव कु मार, अजीत सिंह, कपिल कुमार, अर्जुन सिंह, प्रताप सिंह, अभिषेक शर्मा, विनय ठाकुर, जगदीश मियां, शिव कुमार और राकेश ठाकुर आदि ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि कलरूही रेप एंड मर्डर केस की तरह अश्वनी मर्डर केस भी अनसुलझा ही रहेगा। इन लोगों ने कहा कि पूरे प्रकरण से यह भी प्रतीत हो रहा है कि पुलिस जानबूझ कर इस मामले में ढील बरत रही है। एसआईटी का नेतृत्व कर रहे डीएसपी अंब मदन कौशल ने कहा कि पुलिस पूरी संजीदगी के साथ अपना काम कर रही है। उन्होंने दावा किया है कि मामले का जल्द पटाक्षेप होगा।
