
नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती पर प्रहार करते हुए आज आरोप लगाया कि उन्होंने अपने आगे दलित वर्ग के किसी नये नेता को उभरने नहीं दिया। गांधी ने यहां अनुसूचित जाति सशक्तीकरण पर राष्ट्रीय जागरुकता शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि दलित आंदोलन के दूसरे चरण में दलित वर्ग के नेताओं का उभरना बंद हो गया है। मायावती ने दलित वर्ग के नेतृत्व पर कब्जा जमा लिया और नये नेताओं को आगे नहीं आने दिया। उन्होंने कहा हालांकि यह मायावती की निजी इच्छा है, लेकिन कांग्रेस के लिए अब बहुत महत्वपूर्ण समय है जिसने इस वर्ग के उत्थान के लिए बहुत काम किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध ढंग से चलती है। कांग्रेस में पंचायत, विधायिका और यहां तक की नीति निर्धारण के स्तर पर भी दलित नेता मौजूद हैं। बाल्मीकि समाज के एक अन्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए। गांधी ने कहा कि लोगों का कहना है कि चुनावों में भ्रष्टाचार सबसे बडा मुद्दा है, लेकिन इस बुराई से निपटने का सबसे बडा हथियार सूचना अधिकार (आरटीआई) को देने वाली कांग्रेस ही है। गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को सूचना अधिकार का कानून दिया जिससे वह अपनी सरकार से सवाल कर सकें। कांग्रेस गरीबोंदलितों की हमेशा से चिंता करती रही है और पार्टी ने लोगों को खाद्य सुरक्षा की गारंटी भी दी है।
