आनी-निरमंड से आज कूच करेंगे देवता

कुल्लू। आनी और निरमंड क्षेत्र के देवी-देवता बुधवार को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए रवाना होंगे। ढोल, नगाड़ों, नरसिंह और करनाल की स्वर लहरियों पर देवताओं के संग सैकड़ों देवलु भी कुल्लू आएंगे। देवी-देवता इस दौरान करीब दो सौ किलोमीटर का पैदल सफर तय करेंगे। देवताओं के कारकूनों ने देेवरथों को सजाकर तैयार कर लिया है।
दशहरा पर्व में भाग लेने वाले आनी-निरमंड के देवी-देवता सबसे लंबी दूरी तय करते हैं। देवता करीब 200 किमी का पैदल सफर कर इस अंतरराष्ट्रीय पर्व की शोभा बढ़ाते हैं। देवताआें की इस पैदल यात्रा में जिला प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। देवताओं के हर पड़ाव पर पुलिस का पहरा रहेगा। देवता कोट पझारी के कारदार और जिला देवी-देवता कारदार संघ के सहसचिव भागे राम राणा ने बताया कि बाह्य सराज आनी-निरमंड के करीब एक दर्जन देवी-देवताओं के घाट का कार्य पूरा हो गया है। देवताओं की रथयात्रा 9 अक्तूबर से कुल्लू की ओर शुरू होगी। राणा के अनुसार बंजार, मंगलौर के अलावा लारजी,औट, भुंतर और शमशी में देवी – देवताओं के रात्रि ठहराव के पड़ाव रहेंगे। डीएसपी संजय शर्मा ने कहा कि संबंधित थानों और चौकियों को देवताओं की सुरक्षा को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर देवता को कड़ी सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी।

यह देवी-देवता करेंगे कूच
जिले के सबसे अमीर और आनी खंड के आराध्य देवता खुड़ीजल सहित ब्यास ऋषि कुंईर, टकरासी नाग, चोतरू नाग, कोट बुझारी और निरमंड के देवता चंभू, वाड़ी दुर्गा, चभूं देऊगी, सप्तऋषि और देवी दुराह आज कुल्लू के लिए रवाना होंगे।

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