
बागेश्वर। उत्तराखंड क्रांतिदल के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा है कि राज्य सरकार पुनर्वास के लिए अभी तक भूमि की व्यवस्था नहीं कर सकी है। पहाड़ में आपदा के कारण बेबस हुए लोगों को तराई में बसाया जाना चाहिए।
पर्यटक आवास गृह में पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री ऐरी ने कहा कि आपदा के बाद सरकार 48 घंटे तक सोई रही। बचाव में देरी के कारण बहुत से लोगों की जानें चली गईं। परिणाम स्वरूप दूरदराज के गांवों से आज भी राहत नहीं मिलने की शिकायतें आ रही हैं। राहत के बाद पांच सौ गांवों के पुनर्वास के नाम पर अभी तक खोखले दावे हो रहे हैं। बेघरों के लिए फैब्रिकेटेड हटें बनाने के आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन भूमि की व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है। पुनर्वास के लिए पीड़ितों को तराई में भूमि दी जानी चाहिए। उक्रांद अध्यक्ष ने कहा कि तराई पहाड़ का आंगन है। लेकिन पहाड़ के लोगों को तराई में बसाने के बजाए सरकारों ने वहां की जमीनें बडे़-बड़े उद्योगपतियाें और बिल्डरों के हवाले कर दी हैं। ऐरी ने कहा कि सिडकुल में 70 प्रतिशत नियुक्तियां उत्तराखंड मूल के युवाओं को देने की व्यवस्था थी। लेकिन इसका पालन नहीं हुआ, अब वहां से स्थानीय युवाओं की छटनी हो रही है। दल के श्रमिक प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।
