
हल्द्वानी। कंप्यूटर पर खेल कर कथित तौर पर खनन में गड़बड़ी करने वाली साफ्टवेयर कंपनी पर गाज गिर गई है। वन निगम ने शिकायत के आधार पर कंपनी का खनन कांटों का ठेका निरस्त कर दिया है। अब वन निगम खुद गौला के खनन कांटों पर कंप्यूटराइजेशन की पूरी व्यवस्था संभालेगा। इसके अलावा गड़बड़ी रोकने को अन्य कदम भी उठाए जाएंगे।
गौला के खनन गेटों पर गड़बड़ी रोकने के लिए तुलाई कांटे के साथ ही कंप्यूटराइजेशन की व्यवस्था भी की गई थी, जिस साफ्टवेयर कंपनी के पास खनन गेटों का काम था, वह करीब सात हजार वाहनों का पूरा नियंत्रण रखती थी। आरोप था कि कुछ जगह मिलीभगत से गड़बड़ी की जा रही थी। जंगलात ने यह गड़बड़ी कई बार पकड़ी। तराई पूर्वी वन प्रभाग के एसडीओ एनसी पंत कहते हैं कि कंपनी के कुछ कर्मियों के साथ मिलीभगत कर गड़बड़ी हो रही थी, इसे विभाग ने पकड़ा था, जिसके बाद वन निगम को कार्रवाई के लिए कहा गया था।
वन निगम डीएलएम दिवाकर बिष्ट कहते हैं कि शिकायतों को देखते हुए ठेका निरस्त कर दिया गया है। अब निगम खुद यह कार्य करेगा। इसके अलावा हमने कई और बदलाव करने का फैसला किया है। अब 11 गेटों पर सीरियल से नंबर दिए जाएंगे, यह नंबर वाहन पर तीन जगह प्रदर्शित करना होगा। ऐसे में एक जगह का वाहन दूसरे गेटों पर नहीं घुस सकेगा। इसके अलावा गेटों पर सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने के साथ ही मोटाहल्दू गेट को 376 मीटर पीछे करने का फैसला किया गया है। गेट पर वाहनों के खड़े होने से जाम लगता था, जिससे खासकर स्कूल बस फंस जाती थी।
