
लोहाघाट। ब्लाक मुख्यालय पाटी में ब्लाक स्थापना के 33 वर्ष बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नोटिफिकेशन नहीं हो पाया है। अलबत्ता सरकार ने यहां तीन करोड़ रुपये लागत से फर्स्ट रेफल यूनिट (एफआरयू) का भवन तो बना दिया है लेकिन उसमें सुविधाएं नाममात्र तक नहीं हैं। 10 बेड के इस एफआरयू में चिकित्साधीक्षक, जनरल एमओ, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, एलएमओ, जनरल सर्जन के पद स्वीकृत हैं लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी की व्यवस्था भी उधार में चल रही है।
33 वर्ष पूर्व चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट ब्लाकों के गांवों को मिलाकर ब्लाक की स्थापना की गई थी। वर्ष 2005 तक यहां तीनों ब्लाकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम संचालित किए जाते रहे हैं। इसी दौरान अपर निदेशक ने यहां के हालात देखकर इसे पीएचसी का दर्जा देने की मुंह जबानी बात कही। जिसके आधार पर पाटी से ही व्यवस्थाएं संचालित की जाने लगी। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा आज भी नहीं मिल पाया है। यहां स्थाई रूप से कोई डाक्टर अपनी सेवाएं देेने के लिए तैयार नहीं रहते हैं। अलबत्ता फार्मासिस्ट जेएस अधिकारी लंबे समय से यहां लोगों को चिकित्सा राहत देते आ रहे हैं।
