सगे भाई पर दुष्कर्म का आरोप झूठा साबित हुआ

अल्मोड़ा। निकटवर्ती शीतलाखेत क्षेत्र के एक गांव में तीन माह पहले एक युवती द्वारा सगे भाई पर दुष्कर्म करने का आरोप अदालत में झूठा पाया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषमुक्त करते हुए जेल से रिहा करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में झूठी गवाही देने पर युवती के ताऊ और ताई के खिलाफ धारा 344 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिए हैं।
बीती 15 जुलाई को एक विवाहित युवती ने आरोप लगाया था कि उसके भाई ने करीब एक माह पहले उसके साथ मायके में बलात्कार किया। इस मामले में युवती के ताऊ और ताई ने युवती के पक्ष में गवाही दी। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। अदालत में युवती ने अपने बयान में भाई द्वारा किसी बलात्कार अथवा मारपीट करने की बात से साफ इंकार कर दिया। जबकि उसके ताऊ और ताई ने अपने बयानों में युवती (भतीजी) के साथ बलात्कार होने की बात कही। आरोपी की ओर से अधिवक्ता जमन सिंह बिष्ट ने पैरवी करते हुए झूठी गवाही देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने पीड़ित युवती और गवाहों के बयानों और अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोष मुक्त कर दिया। साथ ही ताऊ और ताई के खिलाफ झूठी गवाही देने पर धारा 344 के तहत मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया है। अदालत ने आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए हैं। वह इस मामले में करीब तीन माह से जेल में बंद है।

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