रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए बनेंगे टैंक

चंपावत। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम के तहत अब जिले में रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक निर्माण का बड़ा कार्यक्रम चले वाला है। स्वजल परियोजना के माध्यम से चलने वाला यह कार्यक्रम यदि कामयाब हो जाता है तो बरसाती पानी के संग्रह की नई पहल हो जाएगी।
कार्यशाला में रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए अलग अलग मदों में खर्च होने वाली राशि का ब्योरा दिया गया। स्वजल के परियोजना प्रबंधक डीके पलड़िया ने बताया कि रेनवाटर हार्वेस्टिंग में पेयजल आच्छादन पर 45 प्रतिशत राशि का आवंटन होगा। पेयजल की गुणवत्ता पर 20 फीसदी राशि दी जाएगी। रखरखाव पर 10 प्रतिशत और स्पोर्टिंग गतिविधियों तथा क्षमता विकास पर पांच प्रतिशत धन दिया जाएगा। 20 प्रतिशत राशि स्थायित्व के लिए मिलेगी।
सामुदायिक विकास विशेषज्ञ मो. आरिफ खां, तकनीकी सलाहकार धीरज जोशी, राजेंद्र कुमार मेलकानी ने रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए टैंकों के निर्माण तथा रखरखाव की जानकारी दी। प्रोजेक्ट मैनजमेंट यूनिट देहरादून से आए समन्वयक आरके रजवार ने कहा कि उत्तराखंड में सबसे पहले स्वजल परियोजना की चंपावत इकाई ने रेनवाटर हार्वेस्टिंग का काम शुरू करने की पहल की है। इससे अन्य जिलों की इकाईयों को भी प्रेरणा मिलेगी। डाटा इंट्री आपरेटर भुवन चंद्र ओझा ने कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस मौके पर शिवराज सिंह, पुष्कर बोहरा, गिरीश राम, भुवन राय, प्रेम सिंह, परमानंद खोलिया, राम प्रसाद, गीता देवी, श्रवण कुमार ओझा आदि मौजूद थे।

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