
दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-एक (जीके1) में गोवा की तर्ज पर कैसिनो जैसे हाईप्रोफाइल जुए के अड्डे का पर्दाफाश हुआ है। जीके थाना पुलिस ने आठ करोड़पति व्यवसायी व सीए को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से 3.17 लाख रुपये नकद, 26.3 लाख रुपये की कीमत के टोकन (प्लास्टिक के कोइंस) और 2.5 करोड़ रुपये मूल्य के यूएस डॉलर टोकन बरामद किए हैं।
सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस सुपर पॉश इलाके की कोठी में कैसिनो गैबलिंग चल रहा था उसका मालिक बडे़-बड़े अधिकारियों की धमकी देता था।
पुलिस की भी दबिश देने की हिम्मत नहीं हो रही थी। कोर्ट से सर्च वारंट लेकर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार विदेशी लोग भी यहां आकर जुआ खेलते थे।
दक्षिण-पूर्व जिला अधिकारियों के अनुसार सूचना के बाद एसीपी शंकर चौधरी की देखरेख में जीके थानाध्यक्ष संदीप घई, एसआई संजय भट्ट और हवलदार मंगत व सिपाही संजीव की विशेष टीम बनाई गई।
एसआई संजय भट्ट की टीम ने सोमवार शाम को दबिश दी और आठ करोड़पतियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ताश के पतों से पोकर टेबल पर जुआ खेल रहे थे। एक टेबल पर टोकन मनी के चिप्स बिखरे पड़े हुए थे। आरोपी कैश के 50, 25 और 10 हजार के प्लास्टिक के टोकन का प्रयोग कर रहे थे।
आरोपियों के खिलाफ दिल्ली गैबलिंग एक्ट 3,4,9, और 55 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोठी मालिक राजेश कटियाल, नजफगढ़ निवासी हर्षपाती सुंडरियाल, अशोक विहार निवासी प्रतीक तुली, सफदरजंग एंक्लेव निवासी रोहित गर्ग, नोएडा निवासी अनिरमेश जैन, सैनिक फार्म निवासी नीरज जैन, स्वास्थ्य विहार निवासी राजेश कुमार और जीके निवासी रंजन कुमार के रुप में हुई।
राजेश (45) का शेयर व ट्रेडिंग का व्यवसाय है और ज्यादातर वह विदेश में रहता है। उसके बच्चे अमेरिका में पढ़ रहे हैं। गढ़वाल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाला हर्षपाती (45) पेशे से बिल्डर है।
प्रतीक तुली (25) चार्टेड एकाउंटेंट और रोहित गर्ग (29) का टूर एंड ट्रेवल्स का व्यवसाय है।
लंदन व यूके से फाइनेंस की पढ़ाई करने वाला अनिरमेश जैन (34) का ट्रेडिंग का व्यवसाय है।
नीरज जैन (46) का इवेंट मैनेजमेंट और राजेश कुमार का सूटकेस का व्यवसाय है और शोरूम हैं। रंजन कुमार का (49) का कंस्ट्रक्शन का व्यवसाय है।
