
बागेश्वर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक में 29 नवंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि लंबित मामलों के निस्तारण में यह अदालत मील का पत्थर साबित होगी। विभागीय अधिकारियों को पक्षकारों को नोटिस देने के निर्देश दिए। वन विभाग में 783 मामले लंबित हैं।
जिला न्यायालय परिसर में बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला जज एनएस धानिक ने कहा कि लोगों को सस्ता न्याय दिलाने में प्राधिकरण की भूमिका महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय लोक अदालत भी इस क्षेत्र में कारगर साबित होगी। अपर जिला जज नीलम रात्रा ने प्राधिकरण के उद्देश्य के बारे में बताया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नसीम अहमद ने अधिकारियों से कहा कि वह अपने विभाग के लंबित मामलों को अदालत में पेश करें। बैठक में वन विभाग ने 1973 से 2013 के लंबित 783 मामलों की सूची पेश की। विभाग को सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बिक्री कर कार्यालय में भी मामले लंबित हैं। बैठक में जिलाधिकारी बीएस मनराल, बागेश्वर के एसडीएम फिंचा राम चौहान, कपकोट के केएस टोलिया, कांडा की रेखा कोहली, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीडी कांडपाल, अधिवक्ताओं में कुंडल धपोला, दिग्विजय सिंह जनौटी, घनानंद जोाशी, विद्युत विभाग के ईई डीडी पंागती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
