
बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के डिस्ट्रिक रिसोर्स यूनिट (डीआरयू ) विभाग के तत्वावधान में यहां शिक्षकों का शिविर जारी है। शिक्षकों को आयुर्वेद की जानकारी दी गई। जिला चिकित्सालय की आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डा. संगीता कुमारी ने कहा कि आयुर्वेद में लाभ ही लाभ है। इसके उपचार में कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं।
डायट सभागार में डा. संगीता ने आयुर्वेद के महत्व, उपचार और जड़ी बूटियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सही खान-पान से हम बचपन से निरोग रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आयुर्वेद के प्रति सकारात्मक पहल की है। आयुर्वेद विषय को कक्षा छह से 12 तक अतिरिक्त अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया है। डीआरयू प्रभारी और प्रशिक्षण संयोजक डा. केएस रावत ने कहा कि आयुर्वेद सबसे पुरानी पद्धति है। इसका लाभ बच्चों को भी मिलेगा। इस अवसर पर डा. दया सागर डा. विमल किशोर थपलियाल, डा. केएन कांडपाल, दिगंबर सिंह परिहार, केएन जोशी, पार्वती जोशी, मदन मोहन पांडे, कमला परिहार, किरन साह, मीना टम्टा, डा. नंदन सिंह कालाकोटी, पीतांबर पंत, धर्मवीर सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
