
जोशीमठ/पीपलकोटी। हेमकुंड साहिब की यात्रा में लगातार तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार को 290 तीर्थयात्रियों के जत्थे ने जोशीमठ से हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्थान किया। अब तक करीब डेढ़ हजार तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा कर चुके हैं। तीर्थयात्री दुपहिया वाहनों से भी धाम पहुंच रहे हैं। इस बार हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा 10 अक्तूबर तक चलेगी। तीर्थयात्रियों में यात्रा को लेकर उत्साह बना हुआ है।
पटियाला से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंचे डा. जशमेद सिंह का कहना है कि तीर्थयात्रा शुरू होने से पंजाब प्रांत के लोगों में खुशी की लहर है। पटियाला के ही सबरजीत का कहना है कि उत्तराखंड में आपदा के कहर के बावजूद मैंने अपनी तीर्थयात्रा के कार्यक्रम को टाला नहीं। यहां आकर स्वर्ग जैसी अनुभूति हो रही है।
एक सप्ताह में ही तहस-नहस हुआ रास्ता
जोशीमठ। हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग एक सप्ताह तक चली यात्रा से ही तहस-नहस हो गया है। लोनिवि ने लाखों रुपये खर्च कर पैदल रास्ते का निर्माण किया था। लेकिन घोडे़-खच्चरों और तीर्थयात्रियों के आवागमन से पैदल रास्ता खराब हो गया है। पैदल रास्ते में पत्थर उखड़ गए हैं। जिससे धूल के गुब्बार उड़ रहे हैं। जंगल चट्टी के पास मार्ग फिसलन भरा हो गया है। यहां पर लोनिवि ने रास्ते में मिट्टी का भरान किया था। दो दिन पहले हुई बारिश से यह रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। इधर, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मदन सिंह ह्यांकी का कहना है कि जिन स्थानों पर पैदल रास्ता खराब हो गया है, वहां पर रास्ता सुधारा जाएगा।
