नहीं होगा टुंडा का ब्रेन मैपिंग टेस्ट

नई दिल्ली की अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के बम एक्सपर्ट अब्दुल करीम टुंडा का ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की अनुमति प्रदान करने से इंकार कर दिया है।

अदालत ने कहा कि कानूनन टेस्ट के लिए आरोपी की इजाजत जरूरी है, लेकिन उसने इंकार कर दिया। ऐसे में उसका टेस्ट नहीं करवाया जा सकता।

पटियाला हाउस स्थित मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अमित बंसल के समक्ष पेश टुंडा ने कहा उसका स्वास्थ्य खराब रहता है और आयु को देखकर वह टेस्ट की इजाजत नहीं दे सकता।

टुंडा ने कहा उसकी आयु 72 वर्ष है और वह कई बीमारियों से ग्रस्त है। हाल ही में उसे पेसमेकर भी लगाया गया है। उसे उच्च रक्तचाप की भी समस्या है।

टुंडा के अधिवक्ता एमएस खान ने अदालत को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर रखा है कि टेस्ट के लिए संबंधित व्यक्ति की इजाजत जरूरी है।

वहीं, पुलिस ने तर्क रखा कि टेस्ट से बड़े स्तर पर देश के खिलाफ रची जा रही आतंकी साजिशों का पर्दाफाश करने में मदद मिलेगी।

अहमदाबाद एफएसएल के विशेषज्ञ टुंडा की जांच कर रहे हैं। टुंडा के जवाब बेहद सतर्कतापूर्ण और संदिग्ध हैं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा जबकि टुंडा की कस्टडी को कानूनी सीमा के बाद नहीं बढ़ाया जा सकता, इसलिए उसका टेस्ट कराने की अनुमति दी जाए।

मालूम हो कि टुंडा को पुलिस ने 16 अगस्त को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया था। देश हुए 40 से ज्यादा आतंकी हमलों में उसका हाथ होने की आशंका है।

मुंबई के 26/11 हमलों के बाद पाकिस्तान को सौंपी गई 20 आतंकियों की सूची में टुंडा का नाम भी शामिल था।

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