
नई दिल्ली के करोलबाग इलाके में बुधवार को एक्सिस बैंक की कैश वैन से 49 लाख रुपये उड़ाने की गुत्थी को मध्य जिला पुलिस ने 15 घंटों के भीतर ही सुलझा लिया।
पुलिस ने इस संबंध में आरोपी ड्राइवर संजय उर्फ सतीश यादव (39) और उसके ममेरे भाई शैलेंद्र (26) को गिरफ्तार किया है।
दोनों के पास से उड़ाया गया सारा कैश 49 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल एक बाइक बरामद हो गई है। पुलिस को मामले में शैलेंद्र के छोटे भाई छोटू की तलाश है।
उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। सेंट्रल रेंज के संयुक्त आयुक्त संदीप गोयल ने बताया कि बुधवार को कैश वैन से 49 लाख रुपये उड़ाने की सनसनीखेज वारदात के बाद मामले की छानबीन शुरू की गई।
जांच में करोलबाग थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह के अलावा मध्य जिला के करीब आधा दर्जन एसएचओ के अलावा एसआई धमेंद्र, राम निवास, पवन तोमर, प्रमोद आनंद, बिजेंद्र समेत अन्यों को लगाया गया।
छानबीन के दौरान पुलिस ने सीएमएस कंपनी के आरोपी चालक संजय के ओखला स्थित पते के बारे में जानकारी जुटाई तो वह फर्जी निकला।
जांच में पता चला कि संजय ने 20 सितंबर को ही एलाइंस ट्रांसकॉम नामक निजी कंपनी के जरिये सीएमएस में चालक की नौकरी हासिल की थी। नौकरी उसके मामा के लड़के शैलेंद्र ने दिलवाई थी।
टेक्निकल सर्विलांस और शैलेंद्र के बारे में जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को आरोपियों के एटा (यूपी) भागने की जानकारी मिली।
पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के एटा, कासगंज रोड पर मिलिट्री कॉलोनी से छापा मारकर संजय और शैलेंद्र को कैश समेत दबोच लिया। दोनों के पास से एक बाइक बरामद हुई।
पूछताछ में संजय ने बताया कि उसका असली नाम सतीश यादव है। शैलेंद्र एलाइंस ट्रांसकॉम नामक कंपनी में काम करता है, जो सीएमएस कंपनी में चालक उपलब्ध कराती है। शैलेंद्र और उसने लूट की योजना बनाई।
गौरतलब है कि बुधवार को सतीश कैश वैन लेकर निकला। वैन के पीछे शैलेंद्र और उसका छोटा भाई छोटू बाइक से चलते रहे। सतीश जब वैन लेकर भाग आया तो करोलबाग के रैगरपुरा इलाके में सूनसान जगह पर कैश वैन को छोड़कर सारे रुपयों को दो बैग में डाल दिए गए।
