प्रोजेक्टों से सरप्लस भूमि वापस ली जाए : कुलदीप

मंडी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की प्राकलन समिति की बैठक का आयोजन बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के समिति कक्ष मंडी में किया गया। अध्यक्षता प्राकलन समिति के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने की। इस दौरान जिला मंडी में लोक निर्माण, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य, बागवानी, शहरी विकास, विद्युत, खाद्य आपूर्ति, परिवहन, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य, कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों की ओर से चलाई जा रही विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा की गई ।
कुलदीप कुमार ने कहा कि इस वर्ष अधिक वर्षा होने के कारण मंडी जिले में भारी नुकसान हुआ है। जिले में बरसात से लगभग 181 करोड़ 58 लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है। 592 मकानों को नुकसान पहुंचा है। मकान मालिकों को 37 लाख 46 हजार की राशि मुआवजे के रूप में प्रदान की गई है। 424 गौशालाओं को भी नुकसान पहुंचा तथा गौशाला मालिकों को सात लाख 92 हजार की राशि मुआवजे के रूप में दी गई। इस वर्ष बरसात में 6 लोगों की मृत्यु हुई तथा 3 लोग घायल हुए, जिन्हें प्रशासन की ओर से 6 लाख 59 हजार की राशि मुआवजे के रूप में दी गई। उन्होंने उपायुक्त मंडी को निर्देश दिए कि बरसात से प्रभावित जिन लोगों को अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी गई, उन्हें जल्द यह राशि दी जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में चलाई जा रही विकास योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करें तथा उसमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि बीबीएमबी तथा अन्य प्रोजेक्टों के पास सरप्लस भूमि की जांच की जाए और इसे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए। विधायक प्राथमिकता में डाली गई स्कीमों की डीपीआर 31 दिसंबर तक तैयार करें तथा शीघ्र उनका निर्माण कार्य शुरू करें। प्राकलन समिति के सदस्य महेंद्र सिंह ठाकुर, सरवीण चौधरी, महेश्वर सिंह, इंद्र सिंह, संजय रत्तन, मोहन लाल बरागटा ने भी चर्चा में भाग लिया।

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