भगदड़ के बाद टल गई सेना भर्ती

पालमपुर (कांगड़ा)। खेल कोटे में ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी के लिए पालमपुर में रखी गई सेना भर्ती में अचानक भगदड़ मच गई। यह देखकर सेना को भर्ती रद करनी पड़ी। भर्ती 11 से 14 साल के बच्चों के लिए थी। बुधवार को भारी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक पालमपुर पहुंचे थे। भर्ती प्रक्रिया दो बार शुरू की गई, लेकिन शहीद विक्रम बतरा मैदान में एकत्र भीड़ को संभालना भर्ती करने आई टीम के बस से बाहर हो गया। यह टीम फैजाबाद डोगरा सेंटर से आई थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस भी सेना की मदद करती दिखी, लेकिन बात नहीं बन पाई। ऐसे में हजारों बच्चों को वापस घर लौटना पड़ा। अब यह भर्ती कब होती है, इसकी कोई तिथि निश्चित नहीं की गई है। सेना में खेल कोटे में भर्ती होने के लिए कांगड़ा जिले से बच्चे मंगलवार को ही पालमपुर में जुटना शुरू हो गए थे। बुधवार को भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही भगदड़ मच गई। कई बच्चे दीवारें लांघकर मैदान से बाहर निकले। बताया जा रहा है कि इस ऊहापोह की स्थिति में कुछ बच्चों को हल्की चोटें भी आई हैं। वहीं, पालमपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन भारी भीड़ को सेना के साथ पुलिस प्रशासन भी काबू पाने पर नाकाम रहा। बीच-बीच में भर्ती प्रक्रिया दो बार शुरू की गई, लेकिन सही व्यवस्था न होने पर आखिर में भर्ती को फिलहाल रद कर दिया गया है। फैजाबाद से आए आर्मी के मेजर दिवाकर सहगल ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बच्चों की भर्ती रैली में इतनी भीड़ जुटेगी। एसडीएम पालमपुर भूपेंद्र सिंह अत्री ने कहा कि बच्चों की भारी भीड़ में कोई अनहोनी न हो, इसके लिए कानून व्यवस्था को देख भर्ती रद करनी पड़ी।
आर्मी स्कूल के लिए होनी थी भर्ती
डोगरा रेजिमेंट की ओर से ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी के लिए बच्चों की भर्ती आर्मी स्कूल के लिए रखी गई थी। इसके तहत सेना की ओर से फैजाबाद में बच्चों को पढ़ाई के साथ आवश्यक सैन्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सेना में नियमित सेवाओं के लिए इन बच्चों का साढ़े सत्रह साल के बाद एक और फिटनेस टेस्ट किया जाता है। टेस्ट में फिट पाए जाने के बाद ही अभ्यर्थियों को सेना में प्रवेश मिलेगा। बताया जा रहा है कि इस भर्ती में 40 से 50 पद ही सृजित हैं। इसके लिए सात हजार से ज्यादा बच्चे जुटे। हालांकि, सेना की ओर से मेजर दिवाकर का कहना है कि भर्ती के लिए पदों की कोई लिमिटेशन नहीं है।

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