
उत्तरकाशी। आपदा के सौ दिन बाद सड़क मार्ग से गंगोत्री तक पहुंचे डीएम डा. पंकज पांडेय ने गंगोत्री यात्रा शुरू करने का ऐलान कर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि अभी हाईवे भारी वाहनों की आवाजाही लायक नहीं है, इसलिए यात्री छोटे वाहनों से ही आएं।
जून माह में अतिवृष्टि से भूस्खलन और बाढ़ से कटाव के कारण गंगोत्री हाईवे 15 जून को जगह-जगह अवरुद्ध हो गया था। सड़क खुलने पर सोमवार को डीएम डा. पांडेय व राहत आयुक्त श्रीधर बाबू अदांकी ने अन्य अधिकारियों के साथ सड़क मार्ग से गंगोत्री तक की यात्रा की। डीएम ने कहा कि अब गंगोत्री यात्रा में कोई रुकावट नहीं है। फिलहाल बड़ी गाड़ियों को उत्तरकाशी ही रोका जाएगा। यहां से आगे यात्री छोटे वाहनों में यात्रा कर सकते हैं।
डीएम ने कहा कि अभी तक अलग-थलग पड़े भटवाड़ी, उपला टकनौर, गंगोत्री क्षेत्र में पर्याप्त रसद और ईंधन पहुंचा दिया गया है। संबंधित विभागों को गंगोत्री धाम और इसके पड़ावों पर यात्री सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी, बीआरओ के कमान अधिकारी नीरव टुली, सीडीओ जीएस रावत, एसडीएम केके सिंह, डा.एसके बरनवाल एवं यात्रा व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बड़ेथी चुंगी में जाम का झाम
उत्तरकाशी। डीएम साहब भले ही गंगोत्री तक का दौरा कर हाईवे को यात्रा के लिए तैयार होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसकी पोल जिला मुख्यालय के प्रवेश द्वार बड़ेथी चुंगी में ही खुलती नजर आ रही है। सोमवार को सुबह करीब 11 बजे यहां भूस्खलन प्रभावित हिस्से में एक लोड ट्रक फंसने के कारण करीब तीन घंटे तक जाम लग गया। जिससे मौके पर कई वाहन फंसे रहे। यहां यह स्थिति रोजाना पैदा हो रही है। जिले की सीमा में धरासू से लेकर गंगोत्री तक हाईवे पर इस तरह के डेढ़ दर्जन से अधिक संवेदनशील स्थान हैं, जहां पर जाम के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
