
अंब (ऊना)। अज्ञात नाकाबपोश युवकों की गोली का शिकार बने मृतक अश्वनी कुमार का मंगलवार को अंदौरा में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उपस्थित लोगों में एक ही चर्चा थी कि जिस व्यक्ति का किसी के साथ न तो झगड़ा था और न ही किसी प्रकार का विवाद, उसे क्यों किसी ने गोली मारी। उधर, अश्वनी कुमार का सात वर्षीय बेटा दक्ष अपने पिता की चिता को एकटक निहार रहा था। ऐसे में एकाएक गुमसुम हुए दक्ष को अन्य परिजनों और रिश्तेदारों ने संभाला।
कुदरत की मार कहें या उसके भाग्य का लेख कि मासूम को यह भी पता नहीं कि सोमवार को जिस बाप की गोद में वह घूमने के लिए निकला था, उस बाप का साया उसके सिर से उठ चुका है। वहीं भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने अश्वनी को नम आंखों से आखिरी विदाई दी। अप्पर अंदौरा के प्रधान नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि पुलिस एवं प्रशासन के ढीले रवैये से लोग खफा हैं। वक्त आ गया है, जब स्थानीय जनता अब सड़काें पर उतरे। आज क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। वहीं अप्पर अंदौरा वासी रणजोध सिंह, अजमेर सिंह, राजीव कुमार, हरेंद्र, राजकुमार, भावेश, प्रदीप, अमन कुमार, मोहन लाल, शमशेर सिंह व अनमोल आदि का कहना हैं कि क्षेत्र में अब तक हुई अन्य घटनाओं की तरह इसका भी कुछ नहीं होने वाला। उधर, इस सनसनीखेज वारदात में अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
हालांकि पुलिस मामले के सुलझने के दावे कर रही है, लेकिन फिलहाल कुछ भी साफ बताने से पुलिस ने हाथ खींचे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में रोष है। दिनदहाड़े हो रही ऐसी वारदातों ने लोगों खासकर महिलाओं का घरों से बाहर निकलना भी दूभर कर दिया है। ऊना जिले में बढ़ते अपराध के ग्राफ को उक्त लोगों ने पुलिस की नाकामी बताया है।
