अफसर का फोन कटा तो बिजली की गुल

उत्तरकाशी। अफसर के मोबाइल का बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन बंद करने से भड़के ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बीएसएनएल के दोनों टेलीफोन एक्सचेंजों की बिजली काट दी। इससे रविवार सुबह से जिला मुख्यालय एवं मनेरी क्षेत्र के डेढ़ हजार से अधिक बेसिक फोन एवं छह सौ से अधिक ब्राडबैंड कनेक्शन ठप हो गए। संचार सेवा ठप होने से क्षेत्र के बाशिंदे दिनभर परेशान रहे। बाद में ऊर्जा निगम ने जनता की परेशानियों का हवाला देते हुए शाम चार बजे के करीब एक्सचेंज की सप्लाई चालू कर दी।
सूत्रों के अनुसार ऊर्जा निगम के एक अफसर के मोबाइल कनेक्शन के छह सौ रुपये बकाया जमा नहीं होने पर फोन बंद कर दिया गया। भड़के ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने टेलीफोन एक्सचेंज का बिजली कनेक्शन काट दिया। इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों का तर्क था कि जब बीएसएनएल वाले महज छह सौ के लिए उनका फोन बंद कर सकते हैं तो वे लाखों के बकाया पर बिजली का कनेक्शन क्यों नहीं काट सकते हैं। अफसरों की तनातनी के चलते जिले के हजारों उपभोक्ता दिनभर संचार सेवा से वंचित रहे। उधर, ऊर्जा निगम ने जनता की परेशानियों का हवाला देकर शाम चार बजे के करीब एक्सचेंजों की बिजली सप्लाई चालू कर दी।

कोट
जिले में बीएसएनएल ने बिजली के 35 कनेक्शन लिए हैं। हर माह करीब 5 लाख का राजस्व ऊर्जा निगम को दिया जाता है। बिजली के बिल आगे पीछे जमा कराए जाते हैं, लेकिन इस बार ऊर्जा निगम ने बिना नोटिस दिए शनिवार को जिला मुख्यालय के दोनों एक्सचेंजों की बिजली काट दी। फिलहाल जनरेटरों के सहारे किसी तरह मोबाइल फोन सेवा चालू रखी गई है। – विशाल वर्मा, प्रभारी उपमंडलीय अभियंता बीएसएनएल

कोट
जब बीएसएनएल वाले हमारे मोबाइल फोन कुछ सौ रुपये का बकाया होने पर बंद कर देते हैं, तो हम लाखों बकाया होने पर उनका बिजली कनेक्शन क्यों नहीं काट सकते। अब उन्हें परेशानी का पता चलेगा। हमारी लीज लाइन भी उन्होंने नहीं जोड़ी है। जनता की परेशानी देखते हुए शाम तक टेलीफोन एक्सचेंज की बिजली जोड़ दी जाएगी। – एनएस खाती, ईई ऊर्जा निगम

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