
हमीरपुर। सीटू की जिला कमेटी ने शिमला में हुए लाठीचार्ज पर जिलाधीश कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। सीटू ने छोटा शिमला थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग उठाई। गौरतलब है कि बुधवार को शिमला के एक अस्पताल से निकाले गए मजदूरों की बहाली को लेकर सीटू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठियां भांज दी। इसके विरोध में वीरवार को हमीरपुर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मजदूरों की बहाली की मांग उठाई।
सीटू के जिला सचिव प्रताप राणा ने बताया कि तेंजिन अस्पताल से कुछ दिन पूर्व 14 मजदूरों को अस्पताल प्रबंधन ने गैर कानूनी रूप से निकाल दिया था। निकाले गए मजदूरों के विरोध में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया तो पुलिस प्रशासन ने उन पर लाठियां भांज दीं जोकि अन्याय है। कई दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन को समाप्त करने के प्रयासों से स्पष्ट है कि छोटा शिमला में तैनात पुलिस थाना प्रभारी और निजी अस्पताल प्रबंधन की मिलीभगत है। प्रदर्शन के दौरान जिला कमेटी अध्यक्ष सीटू जोगेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने आंदोलन को कुचलने के लिए गलत मानसिकता का परिचय दिया है। संविधान में प्रत्येक व्यक्ति को शांतिपूर्वक आंदोलन करने का पूरा अधिकार दिया गया है। इसके चलते उन्होंने मामले की न्यायिक जांच और छोटा शिमला के थाना प्रभारी को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने गैर कानूनी रूप से निकाले गए मजदूरों को भी बहाल करने की पुरजोर मांग उठाई है।
इस मौके पर धरना प्रदर्शन में धर्म सिंह, सुशील, प्यार चंद, रंजन शर्मा, दिनेश, अनिल मनकोटिया, अभिषेक, अंकित, रघुवीर, हेमराम आदि मौजूद रहे।
