
कुल्लू। सूखे की ज़द में रहने वाली जिला मुख्यालय की साथ सटी खराहल घाटी के किसानों और बागवानों के लिए खुशखबरी है। घाटी की हजारों बीघा भूमि को तर करने के लिए आईपीएच विभाग ड्रीम प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। प्रोजेक्ट का हाल ही में सर्वे भी पूरा हो चुका है। अब इसकी डीपीआर बनाई जा रही है।
प्रीणी से खराहल तक बिछने वाली इस 41 किलोमीटर लंबी सिंचाई योजना की ज़द में इलाके की 18 पंचायतें आएंगी। सिंचाई योजना (मीडियम इरीगेशन प्रोजेक्ट) के तैयार होने से प्रीणी से लेकर खराहल घाटी की चंसारी पंचायत के तलोगी गांव तक 31 सौ हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना का सर्वे विभाग ने बीते दिन ही पूरा कर लिया है। आईपीएच कुल्लू के एसई पीवी वैद्य ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि विभाग इस महत्वकांक्षी योजना को मार्च 2014 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चला है। ऐसे में इस दिशा में योजना को सिरे चढ़ाने का काम तेजी से चला है। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि योजना के पूरे होने से प्रीणी से लेकर खराहल घाटी तक आने वालीे 18 पंचायतों के हजारों किसानों और बागवानों को लाभ मिलेगा।
विभाग के कटराईं सर्किल की देखरेख में हो रहे इस योजना के काम पर एसडीओ उदय कुमार बौध ने कहा कि विभाग इस ड्रीम प्रोजेक्ट का जल्द काम आरंभ करने की दिशा में पूरी ईमानदारी से काम कर रहा है। सर्वे पूरा हो चुका है। अब डीपीआर पर पूरा ध्यान केंद्रित है।
41 किमी लंबी होगी सिंचाई योजना
प्रीणी-खराहल सिंचाई योजना के ड्रीम प्रोजेक्ट के सर्र्वे के मुताबिक योजना 41 किमी लंबी होगी। योजना से 18 पंचायतों के हजारों किसानों की करीब 39 हजार बीघा जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
पीवी वैद्य अधीक्षण अभियंता आईपीएच कुल्लू
