
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी के किसान इस बार लाहौल पैटेटो सोसाइटी (एलपीएस) को बीज आलू की आपूर्ति करेंगे या नहीं इस पर संशय बरकरार है। घाटी में आलू का सीजन चरम पर है। हजारों बीज आलू की बोरियां बाहरी व्यापारी खरीद कर ले गए लेकिन मनाली स्थित एलपीएस का आलू ग्राउंड आलू के बिना सूना पड़ा है। इसका मुख्य कारण लाहौल पोट्टो सोसायटी की ओर से किसानों पर डाली गई रिकवरी मानी जा रही है।
वर्ष 2011 में सही मार्केटिंग न होने से 20 हजार के करीब आलू की बोरियां सोसाइटी के ग्राउंड में पड़ी-पड़ी सड़ गईं थीं। ऐसे में सोसाइटी ने लाहौल के 276 किसानों को नोटिस जारी कर 84 लाख रुपये की रिकवरी डाली है। किसानों का कहना है कि एलपीएस अपनी नाकामी का ठीकरा किसानों के सिर फोड़ रहा है।
किसानों के मुताबिक उस दौरान लाहौल पोटे्टो सोसायटी ने जगह-जगह अपने निदेशक किसानों के बीच भेजकर आलू की फसल को एलपीएस को ही भेजने की पेशकश की थी। पांच सौ रुपये नगद राशि प्रति कट्टा देने का ऐलान भी किया। लेकिन सही मार्केटिंग न होने से 20 हजार के करीब आलू की बोरियां सोसाइटी के ग्राउंड में ही सड़ गईं।
किसान रणजीत कुमार, देवी सिंह, जवाहर चंद और रमेश ने कहा कि किसानों पर सोसाइटी ने अपनी नाकामियों की वजह से रिकवरी डाली है। रानिका पंचायत के किसान मनोहर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में सोसाइटी को 260 कट्टे आलू बीज भेजा था। सोसाइटी ने उन्हें मात्र 60 हजार रुपये का नगद भुगतान किया है। अब उन्हें 52 हजार की रिकवरी डाली है। यही हाल रहा तो सोसाइटी को किसानों द्वारा बीज आलू मिलना मुश्किल हो जाएगा। एलपीएस के चेयरमैन चेतन आजाद ने बताया कि सोसाइटी किसानों के संपर्क में है और जल्द ही आलू की खेप आनी शुरू हो जाएगी।
