गोली और कैप्सूल कोडवर्ड

ऊना। चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए इन दिनों शातिरों ने नई तरकीब ढूंढ निकाली है। ये वारदात को अंजाम देेने के लिए गिरोह में शामिल महिलाओं को भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ये महिलाएं ही रेकी करके अपने संपर्क के शातिरों को वारदात को अंजाम देने के लिए सही ठिकाना बता रही हैं। यदि दिन के समय आपके घर में कोई अनजान महिला पानी पीने या फिर बीमार होने का बहाना बनाकर घुसे तो जरा सावधान हो जाएं। यह अनजान महिला किसी चोर गिरोह की सदस्य हो सकती है, जो आपको घर में अकेला पाकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फराक में है। ज्यादातर घर में अकेली महिलाएं इनके निशाने पर हैं। यह महिला अपने साथियों में कोड वर्ड में बात करते हुए यह भी कह सकती है कि ‘मैं बीमार हो गई। गोली खा ली है, कैप्सूल नहीं है’। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि घर में महिला अकेली है। इनके निशाने पर दिन के समय घरों में अकेली रहने वाली महिलाएं ही रहती हैं। शातिर चोर गिरोह में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं, जो पूरे सुनियोजित ढंग से पहले सुनसान रहने वाले घरों की रेकी करती हैं। इसके बाद वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी को बुलाती हैं। गिरोह में युवकों की टोली अलग से काम कर रही है। दिन के समय ये महिलाएं कभी किताबें या फिर इलेक्ट्रानिक उपकरण बेचने के नाम पर घरों में घुसती हैं। इसी दौरान बीमार होने का ढाेंग रचकर गोली खाने के लिए पानी पीने की मांग करती हैं। इसी दौरान शातिर महिला फोन पर अपने साथियों को गोली और कैप्सूल जैसे कोडवर्ड में स्थिति की जानकारी देती है। घर में अकेली महिलाओं को बेहोश करके वारदात को अंजाम देकर शातिर फरार हो रहे हैं। जिला के बंगाणा, गगरेट, संतोषगढ़ में दिनदिहाड़े महिलाओं को बेहोश करके चोरियां हुई हैं। ऊना के एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि पुलिस हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। उन्हांने कहा कि ऐसे शातिर लोग वारदातों को अंजाम देने के लिए नए-नए तरीके ढूंढते रहते हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि संदिग्धों के बारे में पुलिस को सूचित करें।

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