अब आसाराम को सिर्फ ‘राम’ का सहारा

अब आसाराम को सिर्फ ‘राम’ का सहारा

जोधपुर: कथावाचक आसाराम बापू की जमानत याचिका पर आज राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है। आसाराम बुरी तरह से फंस चुके हैं। ऐसे में उनके लिए बचना इतना आसान नहीं होगा, क्‍योंकि उनके ऊपर प्रोटेक्‍शन ऑफ चिल्‍ड्रेन फ्रॉम सेक्‍सुअल ऑफेंस (पोस्‍को) अधिनियम 2012 के अंतर्गत आरोप लगाए गए हैं। आज आसाराम को कोर्ट में सिर्फ ‘राम’ का सहारा होगा क्योंकि आसाराम की तरफ से उनकी पैरवी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी करने वाले हैं।

पुलिस अब इस मामले में आरोपपत्र दायर करने और जांच पूरी करने के लिए तीन अन्य सह आरोपियों शिल्पी, शरद चंद्र और एक रसोइये पर गौर कर रही है।

गौरतलब है कि आसाराम की जमानत याचिका निचली अदालत द्वारा पहले ही रद्द की जा चुकी है। कोर्ट के आदेश पर जब उनकी मेडिकल जांच की गई तो उसमें वह पूरी तरह से फिट पाए गए हैं।

वहीं वन मंत्री बीना काक ने कहा कि सरकारी और वन भूमि पर आसाराम के आश्रमो के यदि कब्जे है तो उन्हें हटाया जाएगा एवं उन पर आम जनता के लिए पार्क बनाया जाएगा। इस संबंध में मुछ जगह कार्रवाई भी शुरु हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र सुमेरपुर में आसाराम के आश्रम ने 13 बीघा भूमि पर कब्जा कर रखा है उन्होने जिला कलेक्टरो को कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे।

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