
हमीरपुर। सदर थाना हमीरपुर के पुलिस कर्मचारी आईजी, एसपी से बढ़कर हो गए हैं। अधिकारियों के आदेशों के बावजूद थाना कर्मचारियों ने मीडियाकर्मियों को बाहर रोके रखा और थाने में प्रवेश नहीं करने दिया। ड्रामा करीब एक से डेढ़ घंटे तक जारी रहा। एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं की ओर से महिला से छेड़छाड़ मामले में पुलिस जवानों ने आईजी और पुलिस अधीक्षक के आदेशों को भी ठेंगा दिखाया है। पुलिस ने मीडिया को थाना परिसर में जाने से क्यों रोका? आशंका जताई जा रही है कि पुलिस मामले को मीडिया के सामने नहीं लाना चाहती थी।
हुआ यूं कि भाजपा कार्यकर्ता पीड़ित महिला सहित सदर थाना पहुंचे। इससे पहले ही पुलिस ने थाना के मुख्य गेट को बंद कर दिया। भाजपा के करीब एक दर्जन कार्यकर्ता पीड़ित महिला के साथ थाना परिसर में चले गए। मीडिया कर्मी भी थाना परिसर में प्रवेश करने लगे तो वहां तैनात पुलिस जवानों ने मीडिया कर्मियों को रोक लिया। इस पर मीडिया कर्मियों ने पुलिस अधीक्षक से संपर्क साधा। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को थाना परिसर में जाने देने के आदेश दिए। बावजूद पुलिस जवानों ने करीब डेढ़ घंटे तक मीडिया को अंदर जाने से रोके रखा। वहीं, आईजी पीएल ठाकुर ने भी मीडिया को अंदर जाने के आदेश दिए। आईजी ने एसपी और एसपी ने सदर थाना में मीडिया के प्रवेश देने के आदेश दिए। बावजूद मीडिया को अंदर जाने से रोके रखा। मुख्य गेट के अंदर एक एसआई ने गेट के अंदर जा रहे मीडिया कर्मी को रोकने के लिए गेट पर लातें मारनी शुरू कर दी। और मीडियाकर्मी को अंदर जाने से रोका।
