
बागेश्वर। कांडा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन है, लेकिन यहां अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। जिसमें मात्र एक डाक्टर है। अन्य कर्मचारियों के भी आधे पद रिक्त हैं। सुविधाओं के नाम पर एक्सरे मशीन तक नहीं है। इसके लिए रोगियाेें को 25 किमी दूर जिला मुख्यालय रेफर किया जाता है। गंभीर रोगों के उपचार के लिए लोगों को 100 किमी दूर अल्मोड़ा जाना पड़ता है।
कांडा तहसील में यह एक मात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां डाक्टरों के तीन पद सृजित हैं, लेकिन एक ही डाक्टर है। फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय और स्वच्छक के दो-दो में से एक-एक पद खाली हैं। अस्पताल में कुल 14 शैय्या हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में अधितर शैय्या खाली रहती हैं। अस्पताल में जांच की सुविधा के नाम पर एक्सरे मशीन तक नहीं है। इन सुविधाओं के अनुसार ही अस्पताल को दवाइयां भी मिलती हैं। गंभीर मामलों में रोगियोें को जिला मुख्यालय भेजा जाता है। रोगियों को लाने के 108 की सुविधा है, लेकिन ब्लड बैंक की सुविधा बागेश्वर जिला अस्पताल में भी नहीं है। इलाज के लिए कांडा में निजी अस्पताल भी नहीं हैं। अस्पताल में पानी की लाइन भी बंद पड़ी है। इस अस्पताल में पांच सालों से डा. सीएस टोलिया कार्यरत हैं। उनके सरकारी आवास के आंगन की दीवार गिर गई है। भवन को खतरा बना है।
फोटो- 12 बीजीएस 1 पी से 4 पी तक।
