राजकुमार चौहान को फिर झटका

नई दिल्ली। तिवोली गार्डन रिसॉर्ट पर बकाया करोड़ों रुपये के टैक्स की वसूली रुकवाने के मामले में लोकायुक्त ने एक बार फिर दिल्ली सरकार के मंत्री राजकुमार चौहान को जिम्मेदार ठहराया है। लोकायुक्त ने राष्ट्रपति को फिर से अपनी रिपोर्ट भेजते हुए व्यापार एवं कर विभाग के कार्य में हस्तक्षेप करने में कदाचार का दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया है।
इससे पहले भी लोकायुक्त ने 24 फरवरी 2011 को रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजते हुए उन्हें मंत्री पद से हटाने व उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने सिफारिश को मंजूर करने से इंकार कर दिया था। लोकायुक्त मनमोहन सरीन ने प्रधान सचिव (वित्त) की ओर से दायर रिपोर्ट को खारिज करते हुए अपनी सिफारिश फिर दी है। प्रधान सचिव ने कहा था कि मंत्री के फोन के बाद व्यापार एवं कर विभाग के काम में हस्तक्षेप नहीं हुआ। सर्वे के बाद रिसोर्ट पर जुर्माना भी किया गया था जिससे विभाग को वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा जब मंत्री ने फोन किया था सर्वे पूरा हो चुका था।
लोकायुक्त ने उनके तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि व्यापार एवं कर आयुक्त जलज श्रीवास्तव के बयानों व तथ्यों से स्पष्ट है कि राजकुमार चौहान ने कर वसूली रोकने का प्रयास किया। लोकायुक्त ने कहा कि श्रीवास्तव के बयानों से स्पष्ट है कि राजकुमार चौहान ने कहा था कि वे तिवोली गार्डन रिसोर्ट के मालिक को जानते है और कोई भी ज्यादती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मंत्री के उस तर्क को खारिज कर दिया कि वे जनप्रतिनिधि हैं और इसी के नाते उन्होंने फोन किया था।

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