
नई दिल्ली। वसंत विहार गैंगरेप मामले की तफ्तीश से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया है कि कोर्ट में इस बात को रखा था कि आरोपियों ने वारदात के दौरान शराब नहीं पी रखी थी। गिरफ्तार करने के बाद कराए गए मेडिकल जांच में भी शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई थी।
पुलिस ने अदालत के सामने अस्पताल में उपचार के कागजात और डॉक्टरों के बयानों को मैच कराया और ये सिद्ध किया कि, आम इंसान ऐसा गंभीर अपराध नहीं कर सकता। छात्रा के शरीर के बाहरी हिस्से पर काटने के निशान थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने छात्रा के शरीर पर जो 18 गंभीर चोटों की बात अदालत में रखी थी उनमें से ज्यादातर चोटें छात्रा के शरीर के अंदरूनी हिस्से में थीं।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अदालत में मानव संरचना से जुड़ी ह्यूमन एनाटॉमी की अधिकृत किताबें रखी गई थीं। इन किताबों के द्वारा अदालत को यह बताया गया था कि दोषियों ने छात्रा को जो चोट पहुंचाई उससे छात्रा के शरीर का कौन सा हिस्सा कितना और किस तरह क्षतिग्रस्त हुआ था। ये भी बताया गया था कि कौन-कौन सी चोटें छात्रा की मौत का कारण बनी।
