
कर्मचारियों का हो रहा शोषण
सोलन। प्रदेश इंटक के सचिव सुरजीत राणा और फास्ट वे ट्रांसमिशन यूनियन के प्रधान नरेंद्र कुमार ने फास्ट वे कंपनी प्रबंधन पर कामगारों के शोषण का आरोप लगाया है। सोलन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच 23 अगस्त से विवाद चल रहा है। 07 सितंबर को समझौते के लिए श्रम विभाग में यूनियन और प्रबंधकों के बीच बैठक हुई तो प्रबंधक बैठक बीच में छोड़ कर ही चले गए। इसके अतिरिक्त प्रबंधक एक-एक करके कंपनी से कामगारों को निकाल रहे हैं। यूनियन की जायज मांगों को भी अनदेखा किया जा रहा है। इस संबंध में उपायुक्त सोलन को भी एक शिकायत पत्र सौंपा गया है। वहीं इंटक प्रदेश अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह को भी जानकारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि प्रबंधकों की शिकायत कंपनी के एमडी को भी भेजी गई है। यदि कामगारों की जायज मांगों को नहीं माना गया तो 17 सितंबर से प्रबंधकों के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। जिसमें प्रबंधकों को घेराव व भूख हड़ताल शुरू की जाएगी तथा फास्टवे नेटवर्क को भी सील कर दिया जाएगा, जिससे सोलन में करीब पांच हजार केवल उपभोक्ता प्रभावित होंगे। उन्होंने श्रम विभाग से आग्रह किया है वह सोमवार तक इसमें हस्तक्षेप करके समझौता करवाए। इस दौरान यूनियन महासिचव धनीराम, वरिष्ष्ठ उपप्रधान राकेश कुमार समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
यह है मांगें
कर्मचारियों को ईएसआई पीएफ कटे, साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। स्टैंडिंग आर्डर बनाए जाएं, वेतन बढ़ोतरी की जाए, हटाए गए कर्मचारियों को वापस रखा जाए और कर्मचारियों के पहचान पत्र बनाएं जाएं।
