कचरे का निपटाने करे कंपनी : एनजीटी

नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने ओखला स्थित जिंदल अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को अपने कचरे के निपटान के लिए उचित प्रबंध करने का निर्देश दिया है। ट्रिब्युनल ने कहा, ऐसा नहीं करने पर वह प्लांट बंद करने को तैयार रहे। एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश सुखदेव विहार रेजीडेंटस वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। एसोसिएशन ने प्लांट में कचरे के निपटान के लिए तय मापदंडों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उसे बंद करवाने का आग्रह किया है। एनजीटी ने कंपनी को तीन सप्ताह में कचरे के निपटान के लिए सभी उचित ठोस उपाय करने का निर्देश दिया है। एनजीटी ने कंपनी को ठोस कचरे के लिए आटोमैटिक तरीके से निपटान का आदेश दिया है।
बिरला मंदिर ट्रस्ट के गैरकानूनी निर्माण पर जवाब तलब
नई दिल्ली। एनजीटी ने रिज क्षेत्र में बिरला मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए अवैध निर्माण के आरोप संबंधी मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया है। इसके अलावा मामले में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, एनडीएमसी, दिल्ली पुलिस आयुक्त और सनातन धर्म सभा लक्ष्मी नारायण मंदिर ट्रस्ट को तीन अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने का कहा है। ट्रिब्युनल के समक्ष क्षेत्रीय निवासी केसी भार्गन ने याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर ट्रस्ट और एनडीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत से रोड, पार्किंग, मंदिर का निर्माण किया है। मंदिर के आसपास 7.5 एकड़ भूमि पर गैर वन संबंधी गतिविधियों पर रोक है।

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