पौंग ने पार किया खतरे का निशान

नूरपुर (कांगड़ा)। करीब एक माह पहले मंड क्षेत्र को जलमग्न करने वाले पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान यानी 1390 फुट का आंकड़ा पार कर गया है। लेकिन मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए फिलहाल पौंग बांध के फ्लड गेट खोलने की किसी भी संभावना से इंकार किया जा रहा है।
सोमवार को शाम तीन बजे पौंग जलाशय में 15638 क्यूसिक पानी की आमद के साथ पौंग बांध का जलस्तर 1390.02 फुट तक पहुंच गया। इससे पहले 18 सितंबर 2011 को पौंग बांध का अधिकतम जलस्तर 1390.59 फुट दर्ज किया गया था। जबकि बीते साल 28 सितंबर 2012 को पौंग का जलस्तर 1386.12 फुट रिकार्ड किया गया। इतना ही नहीं, 2012 में 15 सितंबर को पौंग में पानी का स्तर 1394.49 फुट का आंकड़ा पार कर गया था। बीते दस साल के आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो सिर्फ चार बार ही 2005 (1390.05), 2006 (1390.56), 2010 (1394.49) व 2011 (1390.26) में पौंग बांध का जलस्तर 1390 का आंकड़ा पार कर पाया है। वैसे भी 21 मई से 20 सितंबर तक का समय जलाशयों में पानी भरने का होता है। बावजूद इसके बीबीएमबी के अधिकारी पौंग बांध के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी पर बराबर नजर रखे हुए हैं। भले ही पौंग बांध की भंडारण क्षमता 1390 फुट है, बावजूद इसके प्रतिकूल परिस्थितियों में पौंग बांध में 426.72 मीटर यानी 1400 फीट तक पानी भरा जा सकता है। लिहाजा पौंग बांध के मौजूदा जलस्तर और पानी की आमद को देखते हुए पौंग जलाशय में भरने वाले पानी के स्तर को 1395 फुट भी बढ़ाया जा सकता है। कुल मिलाकर मंड क्षेत्र के लोगों के लिए फिलहाल राहत है।

कब कितना पानी
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2008 1389.55 1281.60
2009 1339.48 1272.70
2010 1394.49 1279.04
2011 1390.59 1348.58
2012 1386.12 1286.91
2013 1390.02 1309.57

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