करोड़ों की राशि का कोई पता नहीं

चंबा। बीआरजीएफ के तहत वर्ष 2012-13 में विभिन्न एजेंसियों को जारी की गई करोड़ों की राशि का ऑडिट नहीं हो पाया है। जिला पंचायत कार्यालय ने पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बीआरजीएफ) के तहत करोड़ों रुपये का बजट विभिन्न विभागों, जिप कमेटियों, ब्लॉक की कमेटियों व विभिन्न पंचायतों को जारी किया है। डीपीओ द्वारा बार-बार आदेश देने के बाद भी आडिट नहीं करवाया गया है। इससे पंचायत कार्यालय को दिक्कतें पेश आ रही हैं। विभाग ने ऑडिट न करवाने वाली एजेंसियों की सूची जारी की है और उनसे जल्द ऑडिट करवाने का आग्रह किया है। विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीडीओ भटियात, तीसा, भरमौर ने जारी की गई राशि का ऑडिट नहीं करवाया है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी भरमौर, चंबा, सेक्ट स्माल सेविंग, सीएमओ चंबा, ईओपीएस मैहला, डीसी चंबा, जिला बार एसोसिएशन चंबा, रेड़क्रास सोसाइटी, अधीक्षक जेल चंबा, डीएफओ चंबा ने बीआरजीएफ के तहत जारी धनराशि का ऑडिट नहीं करवाया है। जिला परिषद कमेटियों में भटियात ब्लॉक की खैरी, गरनोटा, मैहला ब्लॉक की कीड़ी, तीसा की थल्ली, जियूंता, सूलणी की बियाना ने भी ऑडिट नहीं करवा पाई हैं।

कई पंचायतों ने भी ऑडिट करवाने में रूचि नहीं दिखाई है। भटियात ब्लॉक की जियूंता, मोरनी, ओसल, शेरपुर, सूलणी ब्लॉक की बणंतर, भलेई, भुनाड़, दिघाई, कंगेड़, कंदवाड़ा, सूरी, तीसा की भंडनोता, कुहाल, पांगी की मिंधल, पुर्थी, रेई पंचायतों ने ऑडिट नहीं करवाया है। ब्लॉक लेवल की कमेटियों में चंबा ब्लॉक की ग्रामीण विकास कमेटी माणी, युवक मंडल झुलाड़ा, ग्रामीण जन सेवा संगठन बरौर, केएनसी रजिंडू परोथा, कंदला, मैहला ब्लॉक की करीयां, कुनेड, भटियात ब्लॉक की निर्माण कमेटी नैणीखड्ड, शिवा निर्माण कमेटी बाथरी, पंचायत समिति समोट, खरगट, ओसल, पधरोटू, निर्माण कमेटी मोतला धुलाड़ा, कमेटी गरनोटा, मनहूता, नगाली, चलामा, भरमौर की पीएस जगत रूणुकोठी, जलधार मल्कोता, एनसी साहन सिंयूर, होली की कुठेड़, कुलेठ दयोल, भरमौर, संचूई, जिला परिषद वार्ड खणी, दुर्गेठी, सुप्पा, ग्रीमा, सूलणी ब्लॉक की पंजेई, सियूला, सूलणी, सनोच, बणंतर, सेरी, पुखरी, किहार, मंजीर, गवालू, करवाल, सुंडला, डियूर, चकरी की कमेटियों ने ऑडिट नहीं करवाया है। तीसा ब्लॉक की जसौरगढ़, देवीकोठी, चांजू, कोहाल, बोंदेड़ी, तीसा, चोली, लदीन, टिकरीगढ़ और पांगी ब्लॉक की मंगलवास, चलोली, परमास, फिंडर, सून, महलियत, जलवास, धरवाली, पोंटा, टंडल की कमेटियों ने बीआरजीएफ के तहत ऑडिट नहीं करवाया है।

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