उद्योग प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

ऊना। बसाल स्थित एक उद्योग के कर्मचारियों ने उद्योग प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन कर्मियों का कहना है कि उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह कार्य करवाया जा रहा है। उद्योग में कार्यरत कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा, महासचिव संदीप कुमार, गुरविंद्र सिंह, कुशल कुमार, रोहित कुमार, विजय कुमार, सिनजीत, विनय, मुनीष सैणी और जसवंत समेत अन्य कर्मियों ने कहा कि उद्योग के जीएम को भी ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन की प्रतियां यूनियन ने श्रम अधिकारी ऊना, श्रम आयुक्त शिमला, उद्योगमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, इंटक अध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह और ऊना के एसपी अनुपम शर्मा को भी प्रेषित की हैं। ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की है कि यदि उन्हें तबादला या कंपनी के किसी भी कार्य से कहीं जाना पड़े तो मासिक वेतन 25 हजार रुपये के हिसाब से दिया जाए। आने जाने के लिए टिकट स्लीपर सीट रेलवे बुकिंग उपलब्ध कराई जाए। गुरविंद्र ने कहा कि मेडिकल सुविधा, टीएडीए और ट्रेवलिंग इंश्योरेंस की सुविधा भी कर्मचारियों को मिलनी चाहिए। स्थानांतरण ऐसी जगह हो, जहां की भाषा को वे समझते हों और वहां के लोग भी उनकी भाषा को समझने में सक्षम हों। बंधुआ मजदूरों से संबंधित गैरकानूनी शर्तों और एंगेजमेंट लैटर की शर्तें खारिज की जानी चाहिए। जो ट्रेनी टेक्निकल पिछले छह माह के दौरान गैर कानूनी शर्तों और एंगेजमेंट लैटर के अनुसार निकाले गए हैं, उन्हें कंपनी में वापस लिया जाए। 31 अगस्त को भेजे गए 11 सूत्रीय मांग पत्र पर भी उचित कार्रवाई की यूनियन ने मांग की है। यूनियन ने यह भी कहा कि कंपनी में कर्मचारियों के बैठने की उचित व्यवस्था की जाए और एक सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम न कराया जाए। उधर, उद्योगमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जैसे ही ज्ञापन की प्रति उनके पास पहुंचेगी तो इस पर गौर किया जाएगा।

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