
उप समिति ने निरीक्षण के दौरान सवा लाख रुपये का बिना बिल का सामान पकड़ा। व्यापारी बिना वैध बिलों के फल, सब्जियां, अनाज, अंडे बेचने के लिए ले जा रहे थे। प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात आरोपियों से मंडी शुल्क के साथ ही पांच गुणा जुर्माना राशि वसूल की गई है। निरीक्षण टीम में मंडी समिति के सदस्य कर्ण राणा, मंडी पर्यवेक्षक हेम चंद, नीलामी अभिलेखक मदन लाल शर्मा शामिल थे। मंडी समिति के अध्यक्ष प्रेम कौशल ने पूर्व में ही अवैध रूप से व्यापार करने वाले लोगों को चेतावनी दी थी और निगरानी के लिए सतर्कता उप समिति का गठन किया था। उप समिति सदस्यों की टीम ने कृषि उपज की गाड़ियों का दोसड़का, भोटा, उखली, सलौणी, बणी, बड़सर में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवैध तरीके से गाड़ियों में लाई जा रही कृषि उपज को पकड़ा।
मंडी समिति सचिव डा. किशोर चंद आज़ाद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 7 गाड़ियों में 1,27,100 रुपये की कृषि उपज (फल, सब्जियां, अंडे और अनाज) बाहर की मंडियों से लाकर बिना मंडी शुल्क दिए अवैध ढंग से डोर-टू-डोर आपूर्ति की जा रही थी। कृषि उपज का मंडी शुल्क 1271 रुपये बनता था, लेकिन हिप्र कृषि एवं औद्यानिकी उपज विपणन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मंडी शुल्क 5 गुणा जुर्माना सहित कुल 7626 रुपये वसूला गया। मंडियों के समीप कुछ व्यापारी अवैध रूप से फल, सब्जियों की डोर-टू-डोर आपूर्ति कर रहे हैं।
