
मंडी। प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) शिमला की ओर से वल्लभ महाविद्यालय में सूचना के अधिकार विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 200 छात्रों ने हिस्सा लिया। हिपा से आए आरटीआई नोडल अधिकारी डा. गोपाल संघाईक ने छात्रों को आरटीआई के तहत आवेदन बनाने की विधि सिखाई। छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आरटीआई प्रशासन में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को कम करने की दिशा में एक अहम कदम है। यदि आरटीआई लगाने पर तीस दिन में जनसूचना अधिकारी की ओर से सूचना नहीं दी जाती है तो प्रथम अपील अधिकारी एवं राज्य सूचना आयोग में अपील अथवा शिकायत कर सकते हैं।
नोडल अधिकारी ने कहा कि राज्य सूचना आयोग संबंधित अधिकारी को 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगा सकते हैं। इसके अतिरिक्त इस अधिकार में रिकार्ड और कार्य के निरीक्षण का भी प्रावधान है। बीपीएल से संबंधित नागरिक आरटीआई के तहत निशुल्क सूचना प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर उपस्थित छात्रों ने भी आरटीआई से संबंधित कई अहम सवाल पूछे। डा. संघाईक ने छात्रों से अपील की कि इस कानून का जनहित में उपयोग करें। वहीं आगाह भी किया कि इस कानून का दुरुपयोग न करें।
