
नई दिल्ली: रक्षामंत्री एके एंटनी संसद में शुक्रवार को इस बात पर सफाई दें सकते है कि क्या चीन ने पूर्वोत्तर की सीमा पर भारत के 640 किलोमीटर भाग पर कब्जा किया है। बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को यह मुद्दा लोकसभा में उठाया था. उसके बाद संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने सदन को भरोसा दिलाया कि रक्षामंत्री शुक्रवार को इस मुद्दे पर बयान देंगे।
मीडिया में आई कुछ खबरों के अनुसार पूर्व विदेश सचिव श्याम सरण की अध्यक्षता में गठित समिति ने पिछले महीने लद्दाख इलाके का दौरा किया था और पाया कि भारतीय टुकडिय़ों को सीमा तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं चीनी सेना दौलत बेग इलाके में भारतीय सेना को निगरानी तक करने नहीं दे रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सरण ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने ऐसी कोई रिपोर्ट दी है, जिसमें भारत द्वारा अपने इलाके को चीन के लिए छोड़ दिया गया है। अप्रैल में आईटीबीपी, जिसके पास चीन से लगी सीमा की निगरानी का जिम्मा है, ने सरकार को साफ किया था कि लद्दाख के पूर्वोत्तर में राकीनाला के इलाके में 640 वर्ग किलोमीटर के इलाके में वह निगरानी नहीं कर पा रही है, क्योंकि चीनी सेना की घुसपैठ और मौजूदगी काफी बढ़ गई है।
दौलत बेग इलाके में भारतीय सीमा के भीतर 18-19 किलोमीटर पर चीनी सैनिकों ने अपना कैंप बना रखा है। छोटी-मोटी घुसपैठ सीमा से सटे इलाकों में हमेशा से रही है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ कि किसी भी तरफ की सेना ने अपना कैंप बनाया है। घुसपैठ की खबरों के तीन हफ्तों बाद दोनों ओर से सेना के कमांडरों की एक बैठक के बाद कुछ समझौता हुआ और चीनी सेना पीछे हटीं और भारतीय सेना सीमा पर निगरानी करने लगी।
