कांग्रेस का रिपोर्ट कार्ड, ऑल इज वेल

नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद की मौजूदगी में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल बुधवार को एक मंच पर दिखे। उन्होंने मीडिया के सामने 15 साल में किए गए सरकार के काम का लेखा जोखा पेश किया। ‘इरादे मजबूत हैं, 15 साल सबूत हैं’ पुस्तिका कांग्र्रेस कार्यकर्ताओं के हाथ में चुनाव प्रचार का अहम दस्तावेज बनेगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने माना कि यमुना की सफाई की योजनाएं अपेक्षा पर खरी नहीं उतरी हैं। अगले कार्यकाल में यह सरकार के लिए अहम मुद्दा होगा। महिलाओं की सुरक्षा मामले में पुलिस के क्षेत्राधिकार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बहाना नहीं बना रही हैं। सुरक्षित राजधानी के लिए केंद्र, राज्य सरकार और दिल्ली पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 साल में यहां की सूरत बेहतर हुई है। राजधानी में बिजली सप्लाई बेहतर होने के साथ ही दरें अहमदाबाद, भोपाल, गुड़गांव, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, और कोलकाता से काफी नीचे हैं। आधार कार्ड व खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने में दिल्ली सबसे आगे रही है। मुख्यमंत्री ने माना कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है। वहीं, जयप्रकाश अग्रवाल ने बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे काम करते हैं। बीजेपी अभी यह भी तय नहीं कर पाई है कि उसका नेता कौन है।

रिपोर्ट कार्ड झूठ का पुलिंदा: भाजपा
कांग्रेस की रिपोर्ट कार्ड झूठ का पुलिंदा है। इसमें इस बात का उल्लेख नहीं है कि दो साल में बिजली की दरें 72 फीसदी व पानी की कीमतें 1100 फीसदी बढ़ी हैं। जरूरी वस्तुओं की कीमत दोगुनी हुई है। सार्वजनिक परिवहन का बुरा हाल है। राजधानी महिलाओं के लिए सबसे असुरिक्षत शहर बन गई है। आंकड़े भी गुमराह करने वाले हैं। मसलन 80 फीसदी सरकारी स्कूल बंद हो गए और 12000 शिक्षकों के पद खाली हैं। रिपोर्ट में इसका उल्लेेख नहीं है। लाडली योजना के लाभार्थियों की संख्या 42 फीसदी घटी है। अस्पतालों की हालत बुरी है। इसके अलावा अगर दिल्ली अमीर हुई है तो 72 लाख लोगों को खाद्य सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ी। यहां तक कि 40 फीसदी दिल्ली में सीवर सुविधा तक नहीं है।
-विजय गोयल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

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