छात्रों के लाभ में स्कूल प्रबंधन ही बाधा

हमीरपुर। छात्रों के लाभ में स्कूल प्रबंधन ही बाधा बने हुए हैं। अब ऐसे स्कूल प्रबंधनों पर जल्द ही गाज गिर सकती है, जिनकी सुस्ती के कारण छात्र योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। करीब पांच दर्जन स्कूल प्रबंधनों ने इंस्पायर छात्रवृत्ति योजना के तहत बच्चों के नाम प्रेषित नहीं किए हैं। शिक्षा विभाग के पत्र तथा अन्य माध्यमों से बार-बार आग्रह करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन लचर रवैया अपनाए हुए हैं जिसमें सरकारी तथा निजी दोनों संस्थान शामिल हैं।
इंस्पयार छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रत्येक स्कूल से दो छात्रों (छठी से दसवीं कक्षा तक) को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। विज्ञान विषय में सर्वाधिक अंक लेने वाले छात्र को चयनित किया जाता है जिसे विभिन्न प्रायोगिक कार्यों के लिए छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना है जिससे छात्र विषय को प्रायोगिक तौर पर समझ सकें लेकिन स्कूलों का सुस्त रवैया छात्रों की राह में बाधा बन रहा है। अभी तक जिला के आठ सरकारी स्कूलों ने छात्रों के नाम प्रेषित नहीं किए हैं जबकि पचास निजी संस्थानों से नाम नहीं मिले हैं।
जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अश्वनी चंबयाल ने कहा कि छात्रों के हित की अनदेखी करने वाले प्रबंधनों के साथ जल्द ही सख्ती से निपटा जाएगा। समस्त तथ्य निदेशालय को भेजे जा रहे हैं जिससे आगामी कार्रवाई की जा सके। समस्त संस्थानों को पर्याप्त अवसर दिया गया था।

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