
पटियाला/नाभा (बलजिन्द्र, जगनार, जैन) : पुलिस ने सिंथैटिक ड्रग का एक बड़ा जखीरा बरामद करके नौजवान पीढ़ी को बर्बादी के रास्ते पर चलाने वाले एक अड्डे का पर्दाफाश किया है। इस अड्डे की 3 अन्य ब्रांचें पटियाला सहित करनाल जिले में भी हैं परंतु इसकी नाभा में स्थित मुख्य ब्रांच में से ही 50 हजार से अधिक नशीली गोलियां, 500 ग्राम नशीला पाऊडर, 75 किलो भूरे रंग का नशीला पाऊडर, 380 नशीले कैप्सूल, 3 लग्जरी गाडिय़ां, 600 खाली पाऊच, नशीली दवाइयों को मिलाने वाला एक ग्राइंडर व नशीली पुडिय़ां बेचने से हुई आमदन की 2.42 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई है।
एस.एस.पी. हरदयाल सिंह मान ने जिले में नशों की तस्करी कर रहे तस्करों को यह काला कारोबार छोडऩे की सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नशों के सौदागरों की जायदादें जब्त की जाएंगी। एस.एस.पी. ने बताया कि थाना कोतवाली नाभा की पुलिस द्वारा एस.पी. डी जसकिरणजीत सिंह तेजा व डी.एस.पी. नाभा अर्शदीप सिंह गिल की अगुवाई में इंस्पैक्टर दविन्द्र अत्तरी की पुलिस पार्टी ने नाभा में गत 6-7 वर्षांे से चल रहे एक अड्डे का पर्दाफाश करते हुए इसके मालिक अमरजीत सिंह की पत्नी गुरमीत कौर तथा पुत्र बिक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि फरार अमरजीत सिंह को भी जल्दी काबू कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस अड्डे की एक ब्रांच द्वारा ही अकेले पटियाला जिले में हर रोज 6000 से अधिक नशे की पुडिय़ां 15 से 20 रुपए प्रति पुड़ी के हिसाब के साथ बेची जाती थी। उन्होंने बताया कि इनके द्वारा इन नशीली दवाइयों के कारोबार से की कमाई के साथ खरीदी गई महंगी गाडिय़ां, अन्य जायदाद तथा नाभा में बलू हैवन नाम के होटल पर भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस व्यक्ति द्वारा आम लोगों तथा पुलिस की नजरों में धूल झोंक कर धोखे के साथ पाबंदीशुदा सिंथैटिक ड्रग्ज से तैयार की घातक नशे की पुडिय़ों के साथ भोले-भाले लोगों को मूर्ख बना कर नशे छुड़ाने के नाम तहत नशों का धंधा बड़े स्तर पर लंबे समय से किया जा रहा था। एस.एस.पी. ने बताया कि अमरजीत सिंह द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दवाइयां बेचने का लाइसैंस लेकर यह कार्य किया जा रहा था, इसलिए उसके काबू होने के साथ इस केस में अन्य भी अहम खुलासे होने की संभावना है, जबकि इसके पटियाला, नींह सिंह वाला व करनाल आदि केन्द्रों में भी छापामारी करने के लिए पुलिस पार्टियां भेजी गई हैं।
उन्होंने बताया कि इस द्वारा इन केन्द्रों में खुद तैयार किए पाऊडर की चूर्ण के रूप में पुडिय़ां बना कर नशों के शिकार व्यक्तियों को बेची जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस द्वारा इन पुडिय़ों में फिनोटिल, नाईट्रोजिनबाम, पार्वनसपास कैप्सूल, प्रोक्सीवान आदि दवाइयों को पीस कर डाला जाता था। उन्होंने बताया कि इस संबंधी एन.डी.पी.एस. एक्ट की धाराओं 22, 61, 85 तहत मुकद्दमा नंबर 156 तिथि 2-9-13 थाना कोतवाली नाभा में दर्ज किया गया है। इस मौके पर एस.पी. (डी) जसकिरणजीत सिंह तेजा, डी.एस.पी. अर्शदीप सिंह गिल, इंस्पैक्टर दविन्द्र अत्तरी, सब-इंस्पैक्टर बूटा सिंह तथा ए.एस.आई. जपनाम सिंह भी उपस्थित थे।
