
चंबा। हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन इकाई चंबा की बैठक बचत भवन चंबा में हुई, जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पीसी ओबराय ने की। बैठक में गत माह की बैठक में हुई कार्रवाई पढ़कर सुनाई गई। किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। इस दौरान पीसी ओबराय ने मंत्रियों और विधायकों के वेतन में की गई बढ़ोतरी पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि माननीयों की वेतन वृद्धि के बिल को बिना चर्चा के ही चंद मिनटों में पारित कर दिया गया और विपक्ष ने इस बिल के विरोध में बोलना तक जरूरी नहीं समझा। पीसी ओबराय ने कहा कि एक तरफ सरकार तंगी और वित्त संकट का ढ़िढोरा पीटती है और दूसरी तरफ मंत्री व विधायकों के वेतन में हजारों रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है। कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित मामलों को पूरा करने की मांग जब सरकार से की जाती है तो वह वित्तिय संकट का हवाला देकर मांगों को ठंडे बस्ते में डाल देती है। मंत्री-विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी से सरकार पर पड़े करोड़ों रुपये के अतिरिक्त बोझ पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई है। पेंशनरों के लाखों रुपये के मेडिकल बिलों का भुगतान लटका हुआ है। 2006 के पूर्व के पेंशनरों के मामले किसी भी विभागाध्यक्षों ने महालेखाकार को प्रेषित नहीं किए हैं। उन्होंने सरकार से जल्द लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की है। बैठक में एसके गुप्ता, कुलदीप सिंह जसरोटिया, टीआर महाजन, कैलाश, डीके मेहता, पीएस ठाकुर, जर्म सिंह, प्रीतम सिंह, हंस राज, किशोर कुमार, लेखराज ठाकुर, कमलेश कुमार, मनोहर लाल, सतपाल गुप्ता, विष्णु राम, भगत राम, टेक चंद, धारो राम, वीपी पंत, बृज मोहन, मनमनोहर नैय्यर, बिहारी लाल बेदी मौजूद रहे।
राहत के लिए इकट्ठी की लाखों की राशि
अध्यक्ष पीसी ओबराय ने कहा कि जिला पेंशनर एसोसिएशन की समस्त इकाईयों ने आपदा प्रभावित उत्तराखंड और किन्नौर के लिए बढ़-चढ़ कर दान दिया है। इसके लिए समस्त पेंशनर बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जिला भर में पेंशनरों ने 1,70,000 की राशि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत प्रदान करने के एकत्रित की गई है। इसमें एसोसिएशन की इकाई तीसा ने 21,950 रुपये, भरमौर इकाई ने 14 हजार रुपये, चुवाड़ी इकाई ने 11 हजार और खंड इकाई चंबा ने 1,20,000 रुपये एकत्रित किए हैं। ओबराय ने कहा कि जिला चंबा पिछड़े जिलों की सूची में होने के बावजूद भी आपदा के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने 21,000 रुपये की राशि मुख्यमंत्री उत्तराखंड और 80 हजार रुपये की राशि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को भेजी जा चुकी है। तीसरी किस्त के रूप में शेष सहायता राशि बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से भेजी जाएगी।
