आजीविका मिशन बदलेगा महिलाओं की तकदीर

कुल्लू। महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में केंद्र सरकार एक और महत्वाकांक्षी योजना लेकर आई है। यह योजना है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन। यह योजना न केवल गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी भी मजबूत करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों की गरीब महिलाएं इस महत्वाकांक्षी योजना का सीधा लाभ उठाकर स्वयं और अपने परिवार की तकदीर बदल सकती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विशेष रूप से गरीब महिलाओं के लिए शुरू किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली मेहनतकश महिलाएं आजीविका मिशन के तहत सस्ते ऋण और सब्सिडी लेकर अपनी गृहस्थी की गाड़ी को विकास के पथ पर तेजी से दौड़ा सकती हैं। आजीविका मिशन महिलाओं को पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है। गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत केवल सात प्रतिशत ब्याज पर तीन लाख रुपये तक के कर्ज ले सकती हैं। इस सस्ते ऋण से वे अपना कारोबार शुरू कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना अधिकारी डा. संजीव धीमान ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग आजीविका मिशन के तहत लाभार्थियों को बैंकों से सात प्रतिशत ब्याज दर पर तीन लाख रुपये तक के ऋण उपलब्ध करवाएगा। बैंकों को शेष सात प्रतिशत ब्याज दर की अदायगी विभाग की ओर से सब्सिडी के रूप में की जाएगी। डा. धीमान ने बताया कि कुल्लू जिला में इस वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को लगभग चार करोड़ के सस्ते ऋण देेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना अधिकारी ने बताया कि कुल्लू जिला में इस समय लगभग 11,267 बीपीएल परिवार हैं। इनमें से विकास खंड कुल्लू में 3293, नग्गर में 1790, बंजार में 2027, आनी 1690 और निरमंड विकास खंड में 2423 बीपीएल परिवार हैं। आजीविका मिशन के तहत इन सभी परिवारों के एक-एक सदस्य को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का भी लक्ष्य रखा गया है।

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