
चंडीगढ़: पी.यू. चुनावों में केवल 2 दिन बचे हैं मगर चुनावों को लेकर पी.यू. में सुरक्षा व्यवस्था ताक पर नजर आती है यहां एक और जहां स्थानीय थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई के नाम पर आऊटसाइडर को धर दबोचने के दावे किए जा रहे, वहीं दूसरी और हालात यह है कि कोई भी अनजान एवं संदिग्ध युवक आसानी से पी.यू. हॉस्टलों में प्रवेश कर सकता है। यही नहीं वह अपने साथ हथियार या अन्य कोई संदिग्ध वस्तु आसानी से अंदर ला जा सकता है यह सामने आया है ‘पंजाब केसरी’ टीम के एक स्टिंग आपे्रशन से इसमें पी.यू. हॉस्टल के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर पोल खुलती नजर आई है।
पुलिस की रेड महज दिखावा
स्थान : पी.यू. का ब्वयाज हॉस्टल नंबर-4
समय : रविवार दोपहर 1 बजे ‘पंजाब केसरी’ टीम ने चुनावों के मद्देनजर जब पी.यू. के हॉस्टलों का जायजा लिया तो वहां की सुरक्षा नाममात्र के बराबर थी जिसके बाद टीम हॉस्टल नंबर-4 के अंदर गई। जिसके गेट के बाहर भी पुलिकर्मी व पी.यू. सिक्योरटी तैनात थी पर अंदर जाते समय किसी ने नहीं रोका, हॉस्टल और मैस में कई घंटे बिताकर आराम से बाहर आ गए आते समय भी तैनात पुलिसकर्मी व सिक्योरटी आराम से बैठी हुई थी न तो वह किसी का आई कार्ड चैक कर रहे थे और न ही कोई सामान।
स्थान : पी.यू. का गर्ल्स हॉस्टल नंबर-4
समय : रविवार दोपहर 2 बजे
‘पंजाब केसरी’ टीम दोपहर के समय लड़कियों के हॉस्टल नंबर-4 कस्तूबा में गई तो वहां भी उन्हें गेट के बाहर खड़े किसी भी सिक्योरिटी गार्ड ने नहीं रोका और न ही आई कार्ड और न ही वहां रखे हुए रजिस्टर में कोई एंट्री करवाई। यहां तक की हॉस्टल के कॉमन रूम से लेकर मैस तक जा आए लेकिन किसी का भी कोई ध्यान नहीं गया। हॉस्टल की मैस में जाकर लंच भी किया गया। जिसके बाद मैस कंटीन से बिल भी प्राप्त किया।
केवल रेड तक सीमित है थाना पुलिस
चुनावों के आते ही सैक्टर-11 थाना पुलिस की पी.यू. हॉस्टलों में रेड की कार्रवाई शुरू हो जाती है। इस तरह की रेड में एक और जहां आऊटसाइडरों को पकडऩे के दावे किए जाते हैं वहीं हॉस्टलों के बाहर बैठे पुलिस कर्मचारी आराम फरमाते नजर आते हैं। पुलिसकर्मी यह तक जहमत उठाने का प्रयास नहीं करते कि हॉस्टल में कौन सा अनजान युवक किस मकसद से दाखिल हो रहा हे। आई कार्ड तक नहीं चैक किया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में यदि चुनावी रंजिश के चलते कोई बाहरी युवक किसी पार्टी विशेष से संबंधित छात्र पर हॉस्टल में दाखिल हो जानलेवा हमला कर दे तो पुलिस उसके फरार होने पर केवल हाथ मिलती रह जाएगी।
पी.यू. प्रशासन के अनुसार पी.यू. के तीनों गेटों तथा सभी हॉस्टलों में आऊटसाइडर पर रोक लगाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं लेकिन इलैक्शनों के चलते अब आए दिन आऊटसाइडरों को लेकर कोई न कोई मामला सामने नजर आ जाता है। हॉस्टलों में आऊटसाइडरों के पकड़े जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती बल्कि मामूली पूछताछ कर छोड़ दिया जाता है।
पंजाब यूनिवर्सिटी डी.एस.डब्ल्यू के प्रो. नवदीप गोयल स्टूडैंट्स के साथ उनके दोस्त भी होते हैं जिन्होंने अभी नई एडमिशन ली है उनके पास न तो आई-कार्ड है और न ही रहने के लिए कोई कमरा बस सिर्फ 35 रुपए बचाने के चक्कर में वह अपने दोस्त के साथ हॉस्टल में चला जाता है इसलिए दिन के समय किसी पर कोई पाबंदी नहीं है। हां, सिर्फ रात के 10.30 बजे के बाद हॉस्टल के अंदर जाना आऊट साइडर एंट्री बंद है।
सैंट्रल डी.एस.पी आशीष कपूर का कहना है कि पी.यू. में आऊटसाइडरों की एंट्री बंद है न तो आऊटसाइडर दिन में हॉस्टल के अंदर आ सकते और न ही रात के समय। इसलिए पुलिस ने पी.यू. को लिखकर दे दिया है कि हॉस्टलों के अंदर अगर कोई अनजान युवक प्रवेश करता है तो उसको चैक करने की ड्यूटी पी.यू. की है उनकी ड्यूटी लॉन ऑडर के आदेशों का पालन करना है।
