मेट्रो रेल लाइन के साथ बसी कॉलोनियों में डेंगू का खतरा

नई दिल्ली। मेट्रो रेल लाइन के साथ बसी कॉलोनियों में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। दरअसल मेट्रो रेल ट्रैक पर जगह-जगह पानी भरा है और उसमें डेंगू फैलाने वाले मच्छर पैदा हो रहे है। उत्तरी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम डेंगू का लार्वा मिलने के चलते आधा दर्जन मेट्रो स्टेशनों के चालान काट चुकी है।
दोनों नगर निगम की चालान काटने की रिपोर्ट मिलने पर सोमवार को अमर उजाला ने मेट्रो रेल की द्वारका-नोएडा लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान राजौरी गार्डन से लेकर आर के आश्रम मेट्रो स्टेशन तक कई जगहों पर पानी भरा मिला। इसके अलावा रमेश नगर, मोती नगर, कीर्ति नगर, शादीपुर, पटेल नगर, राजेंद्र प्लेस, करोल बाग, झंडेवालान एवं आर के आश्रम मेट्रो स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर कई स्थानों पर पानी भरा हुआ था। इतना ही नहीं, वहां पानी में लार्वा भी दिखाई दे रहा था।
बताते चलेें कि उत्तरी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों को जांच के दौरान मेट्रो रेल के इंद्रलोक, शास्त्री नगर, राजेंद्र नगर, चांदनी चौक, उत्तम नगर वेस्ट एवं मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के ट्रैक पर डेंगू का लार्वा मिला। निगम कर्मचारियों ने इन स्टेशन के प्रमुख को नोटिस दिया, मगर उन्होंने नगर निगम के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। नगर निगम कर्मचारी दोबारा निरीक्षण करने पहुंचे तो उन्हें एक बार फिर ट्रैक पर पानी भरा मिला। इसके बाद नगर निगम ने इन स्टेशन के प्रमुख का चालान काट दिया। इसी तरह मेट्रो रेल के नजफगढ़ डिपो परिसर में भी डेंगू के लार्वा मिलने पर नगर निगम ने चालान काटा है।
डीटीसी डिपों में भी डेंगू के मच्छर
नगर निगम के कर्मचारियों को डीटीसी के सुखदेव विहार, श्रीनिवासपुरी, द्वारका सेक्टर-8, द्वारका सेक्टर-2, शादीपुर, पांडव नगर, और वजीरपुर डिपो में डेंगू का लार्वा मिला है। इन डिपो में स्थिति में सुधार नहीं होने के चलते उनका चालान भी काटा गया है। इसी तरह डेंगू का लार्वा मिलने पर लोधी रोड स्थित कल्सटर बस डिपो का भी चालान काटा गया है।

88 हजार से अधिक परिसरों में मिल चुका है डेंगू का लार्वा
डेंगू का प्रकोप रोकने में नगर निगम विफल
नई दिल्ली (ब्यूरो)। राजधानी में डेंगू के लार्वा मिलने के मामलों में हो रही जबरदस्त बढ़ोतरी ने तीनों नगर निगम के अभियान की कलई खोल दी है। चलाए गए जागरूकता अभियान के बावजूद इस वर्ष 88 हजार से ज्यादा परिसरों में डेंगू का लार्वा मिलने की पुष्टी हो चुकी है। करीब 79 हजार परिसरों को नोटिस भी दिया जा चुका है। अहम है कि तीनों नगर निगम ने मानसून की दस्तक से पहले ही डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान शुरू किया था। उनके कर्मचारी तमाम परिसरों का करीब आठ बार निरीक्षण कर चुके है। पार्षद भी डेंगू के मामलों को लेकर कई बार सदन एवं स्थायी समिति की बैठक में चिंता जता चुके है।

एक सप्ताह में डेंगू के 66 नए मामले
राजधानी में इस साल सामने आए डेंगू मरीजों की संख्या 162 पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में डेंगू मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ती जा रही है। बीते सप्ताह डेंगू के 66 नए मामले सामने आए। इनको मिलाकर इस वर्ष सामने आए डेंगू मरीजों की कुल संख्या 162 तक पहुंच गई है। माना जा रहा है कि सितंबर से अक्तूबर तक डेंगू मरीजों की संख्या में इजाफे का सिलसिला जारी रहा सकता है। राजधानी में डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज उत्तरी दिल्ली में सामने आए हैं। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के इलाके में अब तक 90 मरीज, दक्षिण दिल्ली नगर निगम में 36, पूर्वी दिल्ली नगर निगम के इलाके में 13 और एनडीएमसी इलाके में सात मरीजों कोडेंगू होने की पुष्टी हो चुकी है। वहीं दो मरीज उत्तर प्रदेश व आठ मरीज दूसरे राज्यों के हैं।

मरीजों को रीजनल अस्पतालों का सहारा
पिछले वर्ष की तरह इस साल भी डेंगू मरीजों को राजधानी के रीजनल अस्पतालों के भरोसे ही रहना होगा। क्योंकि ब्लड से प्लेटलेट्स निकालने की व्यवस्था रीजनल अस्पतालों में ही है। यदि किसी डेंगू मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है तो उसे लोक नायक, जीटीबी, डीडीयू, जीबी पंत, अंबेडकर और निगम के हिन्दू राव अस्पताल के भरोसे ही रहना पड़ेगा।

दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों में डेंगू बीमारी की जांच करने के लिए डेंगू जांच किट उपलब्ध है। जिन अस्पतालों में प्लेटलेट्स निकालने की सुविधा नहीं है, उन्हें रीजनल अस्पताल से संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। सभी चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ और नर्सेज को डेंगू बीमारी से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी गई है।
डॉ चरण सिंह , स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली सरकार।

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