लक्ष्य तक नहीं घूम सकीं टरबाइनें

सुंदरनगर (मंडी)। राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड के करीब डेढ़ दर्जन पनविद्युत प्रोजेक्टों में अगस्त माह में निर्धारित लक्ष्य से 577 लाख यूनिट कम विद्युत उत्पादन हुआ। अगस्त में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग ने परिषद के पनविद्युत प्रोजेक्टों में 3116 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन करने का लक्ष्य रखा था। जबकि, इस दौरान 2539 लाख यूनिट उत्पादन हो सका है। यह निर्धारित लक्ष्य से 577 लाख यूनिट कम है। प्रदेश में बरसात के दौरान आई बाढ़ के उपरांत नोगली, चाबा तथा भावा आर्गुमेंटेशन में उत्पादन बंद है। वहीं, लारजी प्रोजेक्ट में एक टावर गिर जाने से वहां पर भी उत्पादन प्रभावित हुआ है।
सुंदरनगर में स्थित राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड के मुख्य अभियंता (उत्पादन) के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 120 मेगावाट की भावा परियोजना में अगस्त माह में 732.669 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन दर्ज हुआ। 22.5 मेगावाट की घानवी परियोजना में 80.511 लाख यूनिट, 2.5 मेगावाट की नोगली परियोजना में 1.638 लाख यूनिट, 60 मेगावाट वाली गिरी परियोजना में 419.530, 16.95 मेगावाट वाली आंध्रा परियोजना में 106.376 लाख यूनिट, बस्सी परियोजना में 284.498 लाख यूनिट, 6 मेगावाट वाली बिनवा परियोजना में 11.574 लाख यूनिट, 6 मेगावाट वाली गज परियोजना में 61.945 लाख यूनिट,12 मेगावाट वाली बनेर परियोजना में 75.755 लाख यूनिट, 12 मेगावाट वाली खोली परियोजना में 79.50 लाख यूनिट,126 मेगावाट वाली लारजी परियोजना में 651.490 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन रिकार्ड किया गया है। रूकती परियोजना में 0.310 लाख यूनिट, थरोट में 4.907 लाख यूनिट, साल में 4.422 लाख, होली में 15.934 लाख यूनिट, चंबा में 0.355 लाख यूनिट, किलाड़ में 0.358 लाख यूनिट तथा रौंगटौंग में 0.449 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ है। सुंदरनगर में तैनात विद्युत परिषद के मुख्य अभियंता (उत्पादन) ई. रजनीश शर्मा ने अगस्त में 2539 लाख यूनिट उत्पादन होने की पुष्टि की है।

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