भाजपा का रामपुर में हल्ला बोल

रामपुर बुशहर। लगातार गिर रहे सेब के दाम और निजी कंपनियों के हाथों लुट रहे बागवानों के पक्ष में उतर कर भाजपा ने रामपुर में जमकर हल्ला बोला। भाजपा ने रामपुर के ल्हासा क्षेत्र से रैली शुरू कर बाजार से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंच कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान भाजपा ने बागवानों के साथ मिल कर कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा का आरोप था कि केंद्र की यूपीए सरकार विदेशों से आ रहे सेब की कस्टम ड्यूटी में छूट दे रही है। इसके चलते प्रदेश के बागवानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। लेकिन, इसके बावजूद प्रदेश सरकार इसके बारे में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही है। जबकि, इसी कांग्रेस ने चुनाव से पहले सेब को विशेष फल का दर्जा देने की बात कही थी। अब हालत ऐसी है कि बागवानों को 900 से अधिक प्रति पेटी सेब का दाम नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने बागवानों को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशों से भारत में पहुंच रहा सेब यहां के बागवानों के लिए आर्थिक नुकसान का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वायदा किया था कि विदेशों से आने वाले सेब पर डेढ़ सौ फीसदी कस्टम ड्यूटी लगाई जाएगी। लेकिन केंद्र ने चीन को छोड़ कर दस पड़ोसी देशों को बिना किसी कस्टम ड्यूटी के कारोबार करने की मंजूरी दी है। इससे इन देशों के माध्यम से अन्य देशों का सेब भारत पहुंच रहा है। यही कारण है कि आज प्रदेश के बागवानों का सेब 900 रुपये प्रति पेटी बिक रहा है। वहीं, निजी कंपनियों की ओर से लगातार सेब के दाम घटा कर बागवानों को लूटा जा रहा है। प्रदेश में चल रही अवैध मंडियों पर किसी का भी नियंत्रण नहीं है। इस मौके पर जिला अध्यक्ष भाजपा अमी चंद वर्मा, भाजपा प्रत्याशी रहे प्रेम सिंह द्रैक, पूर्व जिला अध्यक्ष अजय श्याम, राम सिंह नेगी, ईश्वर मेहता, संतोष मेहता, राम सिंह नेगी, भाजपा अध्यक्ष विजय सिंह बिष्ट, ऊषा मेहता, चंद्रा भलूनी, आशा देवी, अनु पौंड, ईश्वर मेहता, केडी कश्मीरी, प्रेम वर्मा, नरेश चौहान, विजय गुप्ता, केवल राम बुशैहरी, कश्मीरी जैन और महिला अध्यक्ष आशा कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
क्या क्या थे मुद्दे
– सेब के दाम क्यों गिर रहे हैं और सरकार कुछ क्यों नहीं कर रही?
– विदेश से आने वाले सेब पर लगे डेढ़ सौ फीसदी कस्टम ड्यूटी
– प्रदेश में चल रही सेब मंडियों पर क्यों नहीं है नियंत्रण?
– बागवानों को क्यों दी जा रही हैं घटिया दवाइयां?
– सड़कों का क्यों नहीं हो रहा है उचित रख रखाव?
– बागवानों से क्यों वसूला जा रहा है अतिरिक्त शुल्क?
– बिना पंजीकरण के कारोबार करने वालों पर क्यों नहीं कसा शिकंजा?

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