
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड पुलिस अब केदारनाथ जलप्रलय के दौरान लापता हुए लोगों के सत्यापन में जुट गई है। बीस राज्यों में लापता लोगों के सत्यापन को राज्य के साठ दारोगाओं की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। सभी टीमें गंतव्य पर पहुंच चुकी हैं।
जिले की पुलिस को अभी तक 20 राज्यों और नेपाल से लापता लोगों के संबंध में 1708 मिसिंग रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। सबसे अधिक मिसिंग उत्तर प्रदेश (571) से हैं। एक मिसिंग रिपोर्ट में एक से अधिक लोगों की गुमशुदगी दर्ज है। घटनास्थल (केदारनाथ) के ऊखीमठ थाना क्षेत्र में होने से लापता लोगों की गुमशुदगी दर्ज की गई है। 60 दरोगाआें को इन 1708 मामलों की विवेचना करनी है। इसके लिए उनको लापता लोगों के गांवों/शहरों में भेजा गया है। दरोगा उनके घर-घर जाकर उनके पुष्ट नाम-पते, तीर्थयात्रा पर आने की तिथि, लापता व्यक्ति का मोबाइल नंबर सहित स्थानीय पुलिस, लोगों से उनके नहीं लौटने की सूचना ले रही है ताकि इस बात की तस्दीक हो सके कि लापता व्यक्ति घटना के दिन केदारनाथ या यात्रा मार्ग पर मौजूद था।
विभिन्न राज्यों की गुमशुदगी
प्रदेश मिसिंग रिपोर्ट विवेचक
उत्तर प्रदेश 571 20
राजस्थान 229 09
मध्यप्रदेश 196 08
उत्तराखंड(रुद्रप्रयाग छोड़कर) 161 06
महाराष्ट्र 66 03
दिल्ली 64 02
हरियाणा 5102
गुजरात 49 02
झारखंड 22 01
बिहार 22 01
आंध्रप्रदेश 19 01
पश्चिमी बंगाल 19 01
छत्तीसगढ़ 22 01
(कर्नाटक की 02, तमिलनाडु एवं आसाम की 1-1, जम्मू कश्मीर और हिमाचल की 3-3 और पंजाब की 4 विवेचनाओं के लिए एक दरोगा को भेजा गया है। जबकि नेपाल की 41 विवेचनाओं के लिए 2 दरोगा नियुक्त किए गए हैं, लेकिन इनकी रवानगी अभी नहीं हो सकी है। )
कोट
रिपोर्ट के साथ विवेचकों को संबंधित क्षेत्रों में भेज दिया गया है। विवेचक लापता व्यक्ति के संबंध में पूरी जानकारी लेकर लौटेंगे। इसके बाद घटनाक्रम के सभी बिंदुओं को जोड़ा जाएगा। – बरिंदर जीत सिंह, एसपी रुद्रप्रयाग
