
हल्द्वानी। ‘तुम चलो राह की कठिनाइयों को तोड़ते हुए’ संदेश के साथ तीन दिवसीय सुरताल महोत्सव की अंतिम शाम सजी। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य और हरिशरणम जन के राम गोविंद दास भाई जी ने किया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया। अंत में सामाजिक कार्यों में भागीदारी करने वालों के साथ ही आपदा पीड़ितों की मदद में आगे रहे लोगों को भी सम्मानित किया गया।
आपदा पीड़ितों की मदद के लिए मल्लिका सेवा समिति की ओर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत रविवार शाम भजन के साथ हुई। स्थानीय कलाकारों और राजस्थान से आए कलाकारों ने स्वागत गीत पेश किया। स्थानीय कलाकारों ने आपदा के बाद उठने का संदेश देते हुए ‘तुम चलो राह की कठिनाइयों को तोड़ते हुए’ गीत गाया तो राजस्थान से आए कलाकारों ने ‘केसरिया बालम पधारो मेरे देश’ सुनाकर उत्तराखंड के कलाकारों को राजस्थान आने का न्योता दिया। हरियाणा और हिमाचल से आए कलाकारों ने भी खूब तालियां बटोरी। कोलकाता से आई ठुमरी गायिका मोमिता मित्रा की गायकी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अंत में सेवा समिति ने आपदा पीड़ितों के लिए एकत्र राशि कबीना मंत्री यशपाल आर्य को सौंपी। श्री आर्य ने कहा कि यह अपने आप में अलग तरह का आयोजन था। इससे संस्कृति को तो बढ़ावा मिलता ही है साथ पीड़ितों को भी मदद मिलेगी। समिति अध्यक्ष रीतेश जोशी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन हेमंत बिष्ट ने किया। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी, पूर्व राज्य मंत्री ललित जोशी, पीयूष डालाकोटी, नवीन वर्मा, प्रताप सिंह चौहान, डा. चंद्रशेखर तिवारी, सुष्मिता पंत, विकास जोशी, शंभू पंत आदि लोग मौजूद रहे।
आपदा पीड़ितों की मदद करने वाले सम्मानित
सुरताल महोत्सव के समापन अवसर पर अमर उजाला की मदद से आपदा पीड़ितों की सहायता करने वाले समाज सेवी गुरविंदर चड्ढा, हेमंत गौनिया और नवीन कपिल को सम्मानित किया गया। श्री चड्ढा ने बताया कि पीड़ितों के लिए करीब 11 ट्रक मदद भेजी गई थी। इसके अलावा एआरटीओ गुरदेव सिंह को आपदा के दौरान बेहतर प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया।
