शिक्षामित्रों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त रखें

चंपावत। शिक्षामित्र संगठन की रविवार को गोरलचौड़ मैदान में हुई बैठक में मांग की गई कि शिक्षामित्रों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की बाध्यता से मुक्त रखा जाए। इसके अलावा शिक्षामित्रों को विभाग में समायोजित करने की मांग भी की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी का नवीनीकरण कर दिया गया। जानकारी दी गई कि शीघ्र ही दिल्ली के जंतर-मंतर में शिक्षामित्रों का राष्ट्रीय सम्मेलन होने वाला है। उसमें इस जिले के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। सभी सदस्यों से अपील की गई कि वह भविष्य में प्रस्तावित हर आंदोलन के लिए तैयार रहें। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था के संचालन में शिक्षामित्रों के योगदान की चर्चा की गई। सरकार से मांग की गई कि निष्ठा और लगन को देखते हुए तत्काल सुविधा दी जाए। बैठक में जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, महामंत्री राजेंद्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डुंगरदेव जोशी, मोहन सिंह, नारायण दत्त, दिनेश राम, ललित मोहन, सुरेश पाठक, तेज सिंह, मान सिंह, गिरीश फुलारा, शेखर जोशी समेत तमाम सदस्य मौजूद थे। बैठक में सभी सदस्यों से कहा गया कि वह अपनी समस्या को तत्काल पदाधिकारियों को बताएं।

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