शिक्षकों के 11 पर खाली, फिर भी हो रहे तबादले

कुल्लू। शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल राज्य का तगमा हासिल करने वाले हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूल स्टाफ की हालत कुछ ओर ही है। कुल्लू जिले की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शवाड़ को अपग्रेड हुए एक साल हो गया है, लेकिन स्टाफ अभी तक नहीं भरा गया है। हालत यह है कि स्कूल में प्रिंसिपल सहित 11 पद खाली चल रहे हैं। कई महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद यहां तैनात शिक्षकों के तबादले किए जा रहे हैं। स्कूल में जहां प्रिंसिपल का पद एक साल से रिक्त है, वहीं हिंदी, अंग्रेजी, हिस्ट्री, राजनीतिक शास्त्र, हाई स्कूल में पीटीआई और टीजीटी का पदों को भी अभी तक नहीं भरा गया है। इतना ही नहीं स्कूल में स्वीकृत अधीक्षक ग्रेड-2, सीनियर असिस्टेंट और बाबू का पद भी खाली रहने से कार्यालय का पूरा काम यहां तैनात कार्यवाहक प्रिंसिपल को करना पड़ रहा है। वहीं, स्कूल में अध्ययनरत 350 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति शवाड़ के अध्यक्ष खेम चंद ठाकुर, सदस्य नरेश कुमार, तिलक राज शर्मा, सोहन लाल, हेम राज शर्मा, हरिमन गौतम, सरला देवी, मीना देवी और चवेलू देवी ने कहा कि इस मसले को एसएमसी ने विभाग के समक्ष कई बार उठाया है, लेकिन सरकार और विभाग ने इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया है। प्रबंधन समिति का कहना है कि पहले से ही मास्टरों की कमी से जूझ रहे सीसे स्कूल शवाड़ में तैनात अध्यापकों का बिना किसी कारण यहां से तबादला किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जिन अध्यापकों के तबादले किए जा रहे हैं, उन्हें रद किया जाए अन्यथा अभिभावक सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने को विवश हो जाएंगे। इस संबंध में शवाड़ स्कूल के कार्यकारी प्रिंसिपल कुंदन शर्मा ने कहा कि स्कूल में स्टाफ की कमी होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की कमी के बारे में समय-समय पर उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जाता रहा है।

Related posts