
हमीरपुर। आपदा से निपटने के लिए प्रशासन सहित जनता को हमेशा तैयार रहना चाहिए। रोटरी क्लब, आईएमए, एसजेवीएन और इनरव्हील क्लब के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को भूकंप त्रासदी से निपटने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया। उपायुक्त आशीष सिंहमार ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व कांगड़ा में तीव्र गति का भूकंप आया था। अब 100 वर्ष के बाद जिला हमीरपुर और कांगड़ा में भूकंप के हल्के झटके आ रहे हैं। हमीरपुर जिला संवेदनशील क्षेत्र है और जोन 5 में आता है। यहां कभी भी भूकंप आ सकता है। समाज के प्रत्येक वर्ग को बचाव व राहत की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। यदि झटके भूगर्भ की गर्मी की निकासी के कारण आ रहे हैं तो कोई खतरे की बात नहीं है। लेकिन भूगर्भ में वास्तव में चट्टानों के खिसकने की प्रक्रिया होगी तो कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। ऐसे में आपदा से निपटने के लिए प्रशासन और जनता का आपसी समन्वय स्थापित करना अनिवार्य बन जाता है। भवन भूकंप रोधी तकनीक से तैयार करने चाहिए। प्रशासन जनता को जागरूक करने के लिए समय-समय पर शिविर और प्रदर्शनों से जागरूक किया जा रहा है।
सेमिनार में डा. विनोद शर्मा, प्रेम ठाकुर, डा. प्रदीप ने भी भूकंप के आने पर विभिन्न विषयों के अलावा बचाव और राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक बृज मोहन शर्मा, एसडीएम सतीश शर्मा, परियोजना प्रमुख धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना एसके महाजन, चिकित्सा अधीक्षक डा. कुलदीप चोपड़ा आदि मौजूद रहे।
